LPG Cylinder Crisis: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधान का असर अब सीधा भारत की रसोई और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री पर दिखने लगा है। कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की अचानक आई भारी कमी ने महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में रेस्टोरेंट कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों में सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो वे अपने शटर गिराने को मजबूर हो जाएंगे।
रेस्टोरेंट बंद होने की चेतावनी और प्रशासनिक सक्रियता
‘इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन’ (AHAR) के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने कहा है कि कमर्शियल गैस की किल्लत तेजी से फैल रही है। मुंबई के करीब 10 से 20 प्रतिशत सदस्य वर्तमान में गैस की कमी से जूझ रहे हैं और कल तक यह संख्या 60 प्रतिशत पहुंचने की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो परसों तक मुंबई के सभी रेस्टोरेंट पूरी तरह बंद हो सकते हैं। इस संबंध में एसोसिएशन ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है और महाराष्ट्र के नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल से भी संपर्क साधा है।
सरकार की प्राथमिकता: घरेलू रसोई को पहले राहत
गैस की वैश्विक किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक सख्त नीति अपनाई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) को निर्देश दिया है कि वर्तमान स्टॉक में से घरेलू कुकिंग गैस सप्लाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए सिलेंडर बुकिंग के बीच का अनिवार्य गैप 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। फिलहाल आयातित एलपीजी का बचा हुआ हिस्सा अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को दिया जा रहा है।
नए अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स की तलाश
ईरान और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालातों के बीच भारत अब वैकल्पिक देशों से गैस आयात करने की योजना बना रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों से एलपीजी आयात करने के लिए बातचीत चल रही है। साथ ही, ऑयल रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे अपना एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाएं और मांग को मैनेज करने के लिए अपने प्रोडक्ट मिक्स में जरूरी बदलाव करें।
समाधान के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की चिंताओं को दूर करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों (Executive Directors) की एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी रेस्टोरेंट, होटल और ऑटोमोबाइल जैसे नॉन-डोमेस्टिक सेक्टर की जरूरतों की समीक्षा करेगी और उपलब्ध स्टॉक के आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी। हालांकि, होटल मालिकों का कहना है कि रविवार से कमर्शियल सप्लाई लगभग ठप है और घरेलू सिलेंडर मिलने में भी अब दो से आठ दिन की देरी हो रही है।
