IndiGo Crisis: निजी क्षेत्र की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो में जारी संकट के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एल्बर्स का यह इस्तीफा उस समय आया है जब एयरलाइन पिछले कुछ महीनों से भारी विवादों और परिचालन संबंधी समस्याओं से जूझ रही है। करीब ढाई महीने पहले इंडिगो द्वारा बड़े स्तर पर उड़ानें रद्द किए जाने के बाद से ही भारतीय विमानन क्षेत्र में उथल-पुथल मची हुई थी, जिसका खामियाजा अब प्रबंधन में बड़े बदलाव के रूप में सामने आया है।
विवादों की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में हुई थी, जब इंडिगो ने अचानक अपनी सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी थीं। इसका मुख्य कारण यह था कि एयरलाइन पायलटों के लिए लागू किए गए नए उड़ान ड्यूटी मानदंडों (FDTL) के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं थी। इस अव्यवस्था के कारण देशभर के हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंस गए और यात्रियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया, जिसने अपनी रिपोर्ट में परिचालन संबंधी खामियों की पुष्टि की।
डीजीसीए ने इस लापरवाही के लिए इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। साथ ही, पीटर एल्बर्स और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। नियामक ने कड़ा रुख अपनाते हुए एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का निर्देश दिया और कंपनी के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 10 प्रतिशत की कटौती भी कर दी थी। इसके अलावा, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने भी नियमों के उल्लंघन के मामले में एयरलाइन के खिलाफ महानिदेशक स्तर की जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट 90 दिनों के भीतर आनी है।
इन तमाम विवादों का गहरा असर इंडिगो के वित्तीय नतीजों पर भी पड़ा है। चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 78 प्रतिशत घटकर महज 549.1 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 2,448.8 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी की कुल आय में मामूली बढ़त दर्ज की गई है, लेकिन परिचालन संकट और जुर्माने ने मुनाफे को बुरी तरह प्रभावित किया है।
शेयर बाजार में मंगलवार को इंडिगो के शेयरों में 3.46 प्रतिशत की बढ़त देखी गई और यह 4382.45 रुपये पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान शेयर 4475.25 रुपये के स्तर तक भी पहुंचा था। हालांकि, पीटर एल्बर्स के इस्तीफे की खबर के बाद अब निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर बुधवार को होने वाली ट्रेडिंग पर टिकी है। प्रबंधन में आए इस बड़े बदलाव के बाद एयरलाइन की भविष्य की रणनीति और बाजार में इसकी साख को बहाल करना नए नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
