दिल्ली-एनसीआर में आज से 3 दिन का चक्का जाम; थमेंगे 30 हजार ट्रकों के पहिए, फल-सब्जी और दूध की किल्लत का खतरा

Delhi Transport Strike: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में अगले तीन दिनों तक आम लोगों को परिवहन और सप्लाई व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। राजधानी में कमर्शियल वाहनों से जुड़े ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने 21 मई से तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है।

दिल्ली-एनसीआर में तीन दिन ट्रांसपोर्ट हड़ताल का ऐलान (Image: ChatGPT)
दिल्ली-एनसीआर में तीन दिन ट्रांसपोर्ट हड़ताल का ऐलान (Image: ChatGPT)

Delhi NCR Transport Strike: दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के पड़ोसी राज्यों में रहने वाले लोगों को आज यानी 21 मई से अगले तीन दिनों तक माल ढुलाई और जरूरी चीजों की सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। राजधानी दिल्ली में कमर्शियल यानी व्यावसायिक वाहनों के ड्राइवरों ने तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। इस चक्का जाम की वजह से मंडियों और बाजारों में फल, सब्जी, दूध और दवाओं जैसी जरूरी चीजों की किल्लत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यात्रियों के लिए चलने वाली ऑटो और टैक्सी सेवाओं पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि कई बड़े यूनियनों ने इस आंदोलन से दूरी बना ली है।

यह तीन दिवसीय हड़ताल मुख्य रूप से ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के नेतृत्व में की जा रही है। ट्रांसपोर्टरों की इस नाराजगी की बड़ी वजह दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों पर बढ़ाए गए हरित शुल्क (ग्रीन सेस) और बीएस-4 श्रेणी के पुराने वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि सरकार के इन नए नियमों के कारण उनके वाहनों को चलाने की लागत लगातार बढ़ती जा रही है और पुराने वाहनों को पूरी तरह प्रतिबंधित करना न्यायसंगत नहीं है। संगठन का दावा है कि उनके इस कदम को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लगभग 126 परिवहन संगठनों का समर्थन मिला हुआ है। चालकों ने साफ चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान जो गाड़ी जहां होगी, उसे वहीं खड़ा कर दिया जाएगा जिससे माल की आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाएगी।

दूसरी तरफ, आम जनता को सफर में राहत देने के लिए दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ ने इस आंदोलन से खुद को पूरी तरह अलग रखा है। संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने साफ किया है कि यह पूरा मामला मालवाहक गाड़ियों से जुड़ा है और पिछले दो-तीन हफ्तों से इस पर चर्चा चल रही थी। इसका ऑटो और टैक्सी चालकों से कोई लेना-देना नहीं है। यही कारण है कि दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, हवाई अड्डों और बाकी जगहों पर हमेशा की तरह ऑटो और टैक्सी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

इस हड़ताल में शामिल न होने वाले प्रमुख संगठनों में दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन, ऑटो ड्राइवर्स वेलफेयर संघ दिल्ली, प्रगतिशील ऑटो-रिक्शा ड्राइवर्स यूनियन, नेशनल कैपिटल रीजन ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट यूनियन और दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन शामिल हैं। इन पांचों संगठनों का मानना है कि वे जनता को परेशान करने के बजाय बातचीत का रास्ता चुनना चाहते हैं। वे अपनी मांगों के समाधान के लिए सीधे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात करेंगे। इन यूनियनों की मुख्य मांग यह है कि दिल्ली सरकार सीएनजी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए ऑटो और टैक्सी के किराए में सम्मानजनक बढ़ोतरी करे, क्योंकि कम किराए के कारण चालकों का आर्थिक शोषण हो रहा है।

भले ही टैक्सी चालक इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं, लेकिन सरकार और कैब कंपनियों के खिलाफ उनका गुस्सा भी कम नहीं है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कई टैक्सी ड्राइवरों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि पहले कंपनियां उन्हें प्रति किलोमीटर 30 रुपये तक का भुगतान करती थीं, जो अब घटकर महज 15 से 16 रुपये रह गया है। महंगाई के इस दौर में इतने कम किराए पर गाड़ी चलाना और परिवार पालना बेहद मुश्किल हो गया है। ड्राइवरों का कहना है कि बाजार में किराए का कोई तय रेट न होने से सवारियां भी कम मिल रही हैं, इसलिए सरकार को उनके किराए के नियमन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।

इस तीन दिवसीय चक्का जाम का सीधा असर आम लोगों की जेब और रसोई पर पड़ने की पूरी आशंका है। अनुमान के मुताबिक, इस हड़ताल की वजह से रोजाना करीब 25 से 30 हजार मालवाहक ट्रकों के पहिए थम सकते हैं। ये ट्रक ही रोज सुबह दिल्ली-एनसीआर की बड़ी मंडियों तक फल, सब्जियां, दूध और दवाइयां लेकर पहुंचते हैं। यदि यह हड़ताल लगातार तीन दिनों तक सफल रहती है, तो स्थानीय दुकानों और मंडियों में इन रोजमर्रा के सामानों की भारी कमी हो सकती है। सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण आने वाले दिनों में फल-सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम अचानक बढ़ने का भी खतरा बना हुआ है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale