मध्य प्रदेश के धार की विवादित भोजशाला में शुक्रवार सुबह सूर्योदय के साथ ही मां वाग्देवी का पूजन और वेदारंभ संस्कार शुरू हो गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंदू समाज अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार दिनभर निर्विघ्न पूजा-अर्चना करेगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक मुस्लिम समाज के लोगों के लिए नमाज की व्यवस्था की गई है। विवाद से बचने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने साफ कर दिया है कि दोनों समुदायों के लिए प्रवेश और निकासी के रास्ते अलग रखे गए हैं और मुस्लिम समाज को परिसर में एक वैकल्पिक स्थान दिया गया है।
धर्मसभा और भव्य शोभायात्रा का आयोजन
आज के दिन को विशेष बनाने के लिए हिंदू समाज द्वारा भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। सुबह 10:30 बजे शहर के लालबाग से भोजशाला तक एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। दोपहर सवा 12 बजे आयोजित होने वाली धर्मसभा में मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और स्वामी स्वदेशानंद गिरी महाराज शामिल होंगे। इसके ठीक बाद दोपहर 1:15 बजे महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था: 8000 जवान और हाई-टेक निगरानी
चूंकि 10 साल बाद वसंत पंचमी और जुमा एक साथ आए हैं, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी है। पूरे जिले में 8000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 1000 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सुरक्षा की कमान 13 आईपीएस अधिकारियों और 25 एएसपी स्तर के अधिकारियों के हाथों में है। भोजशाला के भीतर और छत पर करीब 450 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए शहर और परिसर में 1000 सीसीटीवी कैमरे और 20 ड्रोन लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में एआई (AI) तकनीक और थ्री-डी मैपिंग का भी उपयोग किया जा रहा है, ताकि भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। भोजशाला के आसपास 300 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है जहाँ बिना अनुमति प्रवेश वर्जित है।
शांति और सहमति की कोशिश
प्रशासन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नक्शे और सर्वे के आधार पर दोनों पक्षों के साथ बैठकें की हैं। प्रशासन का कहना है कि यदि मुस्लिम पक्ष दिए गए स्थान के विकल्प पर राजी नहीं होता है, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन स्वयं फैसला लेगा। फिलहाल हिंदू पक्ष पूजा के समय और व्यवस्था को लेकर संतुष्ट नजर आ रहा है और प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजन संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
