अहमदाबाद: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपनी पहली एशिया यात्रा के तहत आज यानी सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबरमती आश्रम में उनकी अगवानी की, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक ही कार में सफर किया। इस यात्रा का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि चांसलर बनने के बाद मर्ज ने अपनी पहली एशियाई यात्रा के लिए भारत को चुना है। साबरमती रिवरफ्रंट पर प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन किया, जहाँ दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और अधिक मजबूत करना है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के लिए दिखाई गई सैन्य ताकत के बीच यह मुलाकात अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चर्चा है कि पीएम मोदी और चांसलर मर्ज यूक्रेन में शांति बहाली और अन्य वैश्विक चुनौतियों पर भी विस्तृत बातचीत करेंगे। जर्मनी वर्तमान में यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरे के दौरान 5 बिलियन यूरो के बड़े पनडुब्बी सौदे जैसी रक्षा परियोजनाओं पर अंतिम मुहर लग सकती है।
Der Himmel über Ahmedabad ist während des Internationalen Drachenfestivals voller Farben und Lebendigkeit.
— Narendra Modi (@narendramodi) January 12, 2026
Ich freue mich, dass ich Bundeskanzler Friedrich Merz diesen ganz besonderen Anlass zeigen konnte. Es hat mich auch sehr gefreut, dass er sich im Drachensteigen versucht… pic.twitter.com/HbKjH4oCQH
रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत जर्मन कंपनी थिसेनक्रुप और मझगांव डॉक के बीच भारतीय नौसेना के लिए छह स्टील्थ पनडुब्बियों की आपूर्ति को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के मद्देनजर, भारत अब यूरोप और विशेष रूप से जर्मनी के साथ अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 51.23 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। व्यापार के साथ-साथ दोनों देश ‘इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप’ पर भी मिलकर काम कर रहे हैं।
अहमदाबाद में ऐतिहासिक साबरमती आश्रम का दौरा करने और अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव का आनंद लेने के बाद जर्मन चांसलर कौशल विकास से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके पश्चात वे बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। यह यात्रा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भी खास है। चांसलर की इस यात्रा के कुछ ही दिनों बाद यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं का भी भारत दौरा प्रस्तावित है, जिसमें भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
