राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा: 4 दिसंबर से शिखर सम्मेलन, S-400, Su-57 और जेट इंजन पर होगी बड़ी चर्चा

India-Russia Summit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर से भारत के दौरे पर हैं और वह करीब चार साल बाद भारत आ रहे हैं। वह यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

President Putin's India Visit Starts December 4; Major Talks Expected on Defence Deals Including S-400 and Su-57
President Putin's India Visit Starts December 4; Major Talks Expected on Defence Deals Including S-400 and Su-57

India-Russia Summit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर से भारत के दौरे पर हैं और वह करीब चार साल बाद भारत आ रहे हैं। वह यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। पुतिन की इस यात्रा से पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने यात्रा के एजेंडे पर खुलकर बात की है और भारत को रूस का एक ऐतिहासिक मित्र बताया है।

एजेंडा में S-400 और SU-57 लड़ाकू विमान शामिल

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जानकारी दी है कि व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान S-400 एयर डिफेंस सिस्टम एजेंडे में शामिल है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि S-400 पर चर्चा होगी। पेसकोव ने आगे कहा कि पुतिन की यात्रा में पाँचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान SU-57 भी एजेंडे में है। भारत ने रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की पाँच बैटरी खरीदी थीं, जिनमें से तीन की डिलीवरी हो चुकी है और उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के वक्त जबरदस्त प्रदर्शन किया था। माना जा रहा है कि भारत और ज्यादा S-400 खरीद सकता है। इसके अलावा, पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना की बड़ी जरूरत हैं। दिमित्री पेसकोव ने बताया कि भारत के सशस्त्र बलों में रूस द्वारा निर्मित हथियारों की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत है।

व्यापार, यूक्रेन और रिश्तों पर रूस का रुख

दिमित्री पेसकोव ने बताया कि रूस, भारत के साथ अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार है। दोनों देशों के साथ व्यापार की संभावना अधिक है, यह अभी 63 बिलियन डॉलर है। उन्होंने कहा, “हमें अपना व्यापार बढ़ाना होगा ताकि इसका असर किसी तीसरे देश पर न पड़े। ऐसे देश हैं जो रुकावट डालने की कोशिश करेंगे, हम अपने हितों पर अड़े रहेंगे।”

पेसकोव ने यूक्रेन पर भारत के रुख की सराहना करते हुए कहा कि “हम यूक्रेन पर भारत के रुख की सराहना करते हैं, हम प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष का सम्मान करते हैं, वे हमारी बात सुनने के लिए तैयार हैं, हम भारत को समझाना चाहते हैं।” भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ पर पेसकोव ने कहा कि टैरिफ का मुद्दा दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय मुद्दा है, हालाँकि, रूस प्रतिबंध को अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से अवैध मानता है, जब तक कि वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा पारित न हो जाए।

जेट इंजन और तेल व्यापार पर ऑफर

भारत लंबे समय से अपना खुद का जेट इंजन बनाने की कोशिश कर रहा है। रूस ने इस पर बयान जारी करते हुए कहा है कि वह जेट इंजन के संयुक्त रूप से उत्पादन पर भी विचार कर रहा है। पेसकोव ने कहा, “हम भारत में ज्वाइंट प्रोडक्शन वेंचर शुरू कर रहे हैं और यह जारी रहेगा, जो कुछ भी साझा किया जा सकता है वह भारत के साथ साझा किया जाएगा।”

तेल के व्यापार पर पेसकोव ने कहा, “हम संभावनाओं की तलाश में हैं ताकि तेल बेचने का हमारा अधिकार सुनिश्चित किया जा सके और जो लोग तेल खरीदना चाहते हैं उनका हमारा तेल खरीदने का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके। हम इन अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए एक आवश्यक वातावरण बनाने पर काम कर रहे हैं।”

संबंध सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं

रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा को लेकर पेसकोव ने कहा कि रूस और भारत के संबंध सिर्फ राजनयिक प्रोटोकॉल और व्यापार समझौते नहीं हैं, यह बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। रूस और भारत का द्विपक्षीय संबंध आपसी समझ, साझेदारी और वैश्विक मामलों की एक साझा दृष्टि तथा एक-दूसरे के हितों को ध्यान में रखने की क्षमता पर आधारित एक सिस्टम की गहरी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है।

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