बॉलीवुड अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी द्वारा अपने भाई शम्सुद्दीन सिद्दीकी और पूर्व पत्नी अंजना पांडे (आलिया) के खिलाफ दायर की गई मानहानि याचिका खारिज कर दी गई है। यह फैसला मुख्य रूप से इसलिए लिया गया क्योंकि नवाज़ुद्दीन और उनके वकील कई सुनवाइयों में अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने इसे “नॉन-प्रॉसिक्यूशन” यानी गैर-उपस्थिति के आधार पर खारिज किया।
नवाज़ुद्दीन का आरोप था कि 2008 में उन्होंने अपने बेरोज़गार भाई को मैनेजर नियुक्त किया और भरोसा जताते हुए क्रेडिट कार्ड, बैंक पासवर्ड और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियां सौंप दीं। याचिका में दावा किया गया कि शम्सुद्दीन और अंजना ने मिलकर करीब 20 करोड़ रुपये का गबन किया और नवाज़ुद्दीन द्वारा बच्चों की शिक्षा और प्रोडक्शन हाउस के लिए दिए गए पैसे का अपने खर्चों में इस्तेमाल किया।
अदालत ने कहा कि जब याचिकाकर्ता खुद अपने मामले को आगे नहीं बढ़ा रहा और सुनवाई में उपस्थित नहीं हो रहा, तो मामले को खारिज करना ही न्याय संगत है। नवाज़ुद्दीन ने 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी, जबकि शम्सुद्दीन के वकील ने इसे वित्तीय विवादों को लेकर दबाव बनाने के लिए आधारहीन बताया।
इस निर्णय के साथ ही अभिनेता के इस लंबे समय से चल रहे विवाद को अदालत ने फिलहाल विराम दे दिया है।
