कीव: यूक्रेन ने रूस के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित सबसे बड़े तेल टर्मिनल, पोर्ट प्रिमॉर्स्क, पर ड्रोन हमला किया है। यह पहली बार है जब इस महत्वपूर्ण रूसी पोर्ट को निशाना बनाया गया है। यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी एसबीयू (SBU) ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि ड्रोन हमले के बाद दो जहाजों में आग लग गई, जिससे तेल लोडिंग ऑपरेशन रुक गया।
रूसी गवर्नर ने स्वीकार किया कि एक जहाज और पंपिंग स्टेशन में आग लगी थी, लेकिन उन्होंने लोडिंग ऑपरेशन बंद होने की बात से इनकार किया। हालांकि, उद्योग जगत के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि हमले के बाद लोडिंग को रोकना पड़ा। हमले में कुस्तो और काई युन नामक दो सेशेल्स-पंजीकृत टैंकर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन लगातार रूस की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। हाल के महीनों में रूस के दूसरे बड़े पोर्ट्स, जैसे उस्त-लूगा और नोवोरोसिस्क, पर भी कई बार हमले हो चुके हैं।
गवर्नर एलेक्जेंडर ड्रोजडेंको ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और तेल रिसाव का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने इस इलाके में 30 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।
हमले के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। एक महिला ने सोशल मीडिया पर लिखा कि धमाकों के कारण वह और उसका बच्चा रात भर सो नहीं पाए और वह चाहती हैं कि यह सब जल्द खत्म हो जाए।
हमले के कारण सेंट पीटर्सबर्ग के पास स्थित पुलकोवो एयरपोर्ट को भी कुछ घंटों के लिए बंद करना पड़ा था। रूसी सेना का दावा है कि उसने पूरी रात में कुल 221 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, जिनमें से 9 मॉस्को क्षेत्र के ऊपर थे।
