दुबई: केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने दुबई में आयोजित 28वें यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में यूपीआई–यूपीयू एकीकरण परियोजना का शुभारंभ किया। यह पहल वैश्विक स्तर पर सीमा-पार प्रेषण को तेज़, सुलभ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
यह परियोजना भारतीय डाक विभाग (DOP), एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) के सहयोग से तैयार की गई है। इसके तहत भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) को यूपीयू इंटरकनेक्शन प्लेटफॉर्म (IP) से जोड़ा गया है।
सिंधिया ने इसे सिर्फ तकनीकी लॉन्च नहीं बल्कि “एक सामाजिक समझौता” बताया। उन्होंने कहा कि डाक नेटवर्क की विश्वसनीयता और यूपीआई की गति मिलकर परिवारों को सीमा-पार धनराशि भेजने में बेहद सुलभ, सुरक्षित और किफायती समाधान देंगे।
Launched the UPI–UPU Integration Project with @UPU_DG Mr. Masahiko Metoki at the #UPUCongress.
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) September 8, 2025
A truly historic leap under the leadership of PM @narendramodi ji, taking Bharat’s groundbreaking digital payments system global and empowering people and communities across the world… pic.twitter.com/uDeNGqZibJ
अपने संबोधन में उन्होंने भारत के आधुनिक, समावेशी डाक क्षेत्र के विज़न को साझा किया, जिसमें डेटा-चालित लॉजिस्टिक्स, प्रवासियों को सस्ती डिजिटल सेवाएं, एआई व मशीन लर्निंग आधारित आधुनिकीकरण और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को प्रमुख आधार बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न के अनुरूप, भारतीय डाक समावेश और नवाचार का वैश्विक उदाहरण है। सिंधिया ने ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान नवाचार के लिए 10 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता देने की भी घोषणा की।
Hon’ble Minister @JM_Scindia ji launching the UPI-UPU Integration Project in Dubai. https://t.co/hoKX9nlxwg
— Office Of JM Scindia (@Officejmscindia) September 8, 2025
सिंधिया ने आगे कहा कि भारत केवल प्रस्तावों के साथ नहीं, बल्कि साझेदारी और भरोसे के साथ आता है। इस अवसर पर उन्होंने यूपीयू की प्रशासन परिषद और डाक संचालन परिषद में भारत की उम्मीदवारी की भी घोषणा की।
