दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी से कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इस योजना के तहत 2028 तक दिल्ली के सभी कूड़े के पहाड़ों को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली नगर निगम की स्वच्छता कमेटी के अध्यक्ष संदीप कपूर के अनुसार, मशीनरी और अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए सरकार से भरपूर वित्तीय सहयोग मिल रहा है। भलस्वा लैंडफिल साइट से कूड़ा उठाने की रफ्तार बढ़ी है और नवंबर 2022 से अगस्त 2024 तक लगभग 45 लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है।
कूड़ा उठाने की मौजूदा गति को देखते हुए अनुमान है कि 2026 तक दिल्लीवासियों को कूड़े के पहाड़ से राहत मिल सकती है। ओखला लैंडफिल साइट पर भी कूड़े की ऊंचाई 60 मीटर से घटकर अब 20 मीटर रह गई है।
नए कूड़े के निस्तारण के लिए एमसीडी ने वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर दिया है। नरेला-बवाना में नया प्लांट लगाया जा रहा है, जो शहर के कचरे को ठिकाने लगाने में मदद करेगा। इसके अलावा, डेयरी फार्मों से निकलने वाले गोबर से बायोगैस बनाने की योजना भी लागू की जा रही है। कूड़े के पहाड़ हटने के बाद खाली जगहों पर ग्रीनरी और भव्य पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे दिल्ली की सुंदरता बढ़ेगी।
एमसीडी अध्यक्ष संदीप कपूर का कहना है कि आने वाले दो सालों में कूड़े के पहाड़ों की ऊंचाई में उल्लेखनीय कमी आ जाएगी और 2028 तक राजधानी इन पहाड़ों से पूरी तरह मुक्त हो जाएगी।
मुख्यमंत्री श्रीमती @gupta_rekha ने आज दिल्ली सचिवालय में नगर निगम से जुड़े अहम मुद्दों की समीक्षा बैठक की।
— CMO Delhi (@CMODelhi) August 27, 2025
बैठक में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री आशीष सूद, दिल्ली के मेयर श्री राजा इकबाल सिंह, दिल्ली नगर निगम तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री… pic.twitter.com/ieEJrXoJ45
