गाजीपुर: मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी की जमानत अर्जी को गाजीपुर की अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपी-एमएलए कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया। उमर पर अपनी मां आफ्शा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में आवेदन दाखिल करने का गंभीर आरोप है। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता कृपा शंकर राय ने जमानत का कड़ा विरोध किया।
दरअसल, मुख्तार की पत्नी आफ्शा अंसारी की संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया था। इस संपत्ति को छुड़ाने के लिए उमर ने कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की, जिसमें उसने अपनी मां के फर्जी हस्ताक्षर किए थे। मामले का खुलासा होने के बाद मुहम्मदाबाद कोतवाली में उमर और उनके वकील लियाकत अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने उमर को लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गुरुवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान, सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि उमर ने फर्जीवाड़ा करके न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की है, जिसे देखते हुए जज शक्ति सिंह ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
