नई दिल्ली: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के लिए विशेष पंजीकरण अभियान की अवधि 15 अगस्त, 2025 तक बढ़ा दी है। इस अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर सभी पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं तक पहुंचना और उनका समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करना है।
पीएमएमवीवाई, मिशन शक्ति की उप-योजना ‘सामर्थ्य’ के तहत एक केंद्र प्रायोजित योजना है। यह योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को निम्नलिखित लाभ प्रदान करती है:
पहली संतान के लिए ₹5,000 दो किस्तों में, और दूसरी संतान (यदि वह बालिका हो) के जन्म पर ₹6,000 एक किस्त में प्रदान किए जाते हैं।
इसका मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान वेतन में कमी की भरपाई करना, माताओं को आराम देना, पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना, स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में सुधार लाना और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।

31 जुलाई, 2025 तक, इस योजना के तहत 4.05 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को ₹19,028 करोड़ की राशि सीधे उनके बैंक/डाकघर खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
इस योजना को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ‘नए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सॉफ्टवेयर’ के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसे मार्च, 2023 में लॉन्च किया गया था। यह सॉफ्टवेयर आधार प्रमाणीकरण और सत्यापन के साथ काम करता है, ताकि धनराशि सीधे डीबीटी-सक्षम आधार-सीडेड बैंक या डाकघर खातों में पहुंच सके।
योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं, जिनमें एकीकृत शिकायत मॉड्यूल, बहुभाषी और टोल-फ्री हेल्पलाइन (14408), चेहरे की पहचान प्रणाली का उपयोग करके आधार-समर्थित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और संभावित लाभार्थियों की सूची जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
