मुरादाबाद: इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के एक नेता ने कांवड़ यात्रा पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे “तमाशा” करार दिया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह कांवड़ियों को खुलेआम “गुंडई करने की छूट” दे रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी और खतरा पैदा हो रहा है।
नेता ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में कांवड़ियों को तो कोई खतरा नहीं हुआ है, लेकिन हरिद्वार, रुड़की, मुज़फ्फरनगर और मेरठ जैसे शहरों में कांवड़ियों द्वारा उत्पात मचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांवड़ियों ने कारों, बाइकों, ई-रिक्शा और होटलों में तोड़फोड़ की है।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस सिर्फ कांवड़ियों की सुरक्षा कर रही है और आम लोगों की पिटाई का तमाशा देख रही है। नेता ने कहा, “एक ग्रुप को खुलेआम स्पॉन्सर कर लाइसेंस दे रहे हैं गुंडई करने और बदमाशी करने का।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांवड़ियों द्वारा बच्चों, औरतों और लोगों को मारा जा रहा है।
मुसलमानों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर मुसलमान जमा हो जाते तो यही सरकार सीधी गोली चला देती और जान से मार देती। उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार में कांवड़ियों ने पुलिस वालों को घायल कर दिया, लेकिन कोई गोली नहीं चली और न ही कोई NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) की कार्यवाही हुई। उन्होंने कहा कि सारे कानून मुसलमानों के लिए ही बने हैं।
सड़कों पर नमाज़ के मुद्दे पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जगह की कमी होने के कारण 15 मिनट की नमाज़ सड़कों पर नफरत के कारण पढ़ने नहीं देते हैं, वहीं कांवड़ यात्रा के नाम पर एक-एक महीने के लिए शहर के ही नहीं बल्कि मुख्य मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं, जिससे लाखों-करोड़ों लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने इसे “देश में तमाशा” बताया।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस “तमाशे को बंद कराने” की अपील की है। नेता ने कहा कि इस सबकी ज़िम्मेदार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकार है, क्योंकि दोनों राज्यों की सरकार ने कांवड़ियों को “गुंडागर्दी करने का लाइसेंस दे दिया है।”
