नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आपातकाल के दौरान अनुभवों पर आधारित पुस्तक ‘आपातकाल डायरी – वो वर्ष जिन्होंने एक नेता को गढ़ा’ का आज शाम गृह मंत्री अमित शाह द्वारा औपचारिक रूप से विमोचन किया जाएगा।
इस पुस्तक को ब्लूकाफ्ट डिजिटल फाउंडेशन ने संकलित और प्रकाशित किया है। यह पुस्तक आपातकाल के दौरान एक युवा आरएसएस प्रचारक के रूप में नरेंद्र मोदी की भूमिका और उनके संघर्ष की कहानी को उजागर करती है।
पुस्तक में उस दौर के प्रथम-पुरुष अनुभव, मोदी जी के सहयोगियों की ज़ुबानी घटनाएं और अभिलेखीय दस्तावेज़ों के माध्यम से एक जीवंत चित्र प्रस्तुत किया गया है। इसमें पहली बार ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व यात्रा की शुरुआत और लोकतंत्र के लिए उनके संघर्ष को रेखांकित करते हैं।
‘The Emergency Diaries’ chronicles my journey during the Emergency years. It brought back many memories from that time.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 25, 2025
I call upon all those who remember those dark days of the Emergency or those whose families suffered during that time to share their experiences on social…
प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस पुस्तक को लेकर सोशल मीडिया मंच X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “जब आपातकाल लगाया गया, तब मैं एक युवा आरएसएस प्रचारक था। यह आंदोलन मेरे लिए एक सीखने का अवसर बना और इसने हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा के महत्व को और भी गहराई से समझाया। मुझे खुशी है कि ब्लूकाफ्ट डिजिटल फाउंडेशन ने उन अनुभवों को पुस्तक के रूप में संकलित किया है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा जी ने इसका प्रस्तावना लिखा है, जो स्वयं उस आंदोलन के प्रमुख नेता थे।”
When the Emergency was imposed, I was a young RSS Pracharak. The anti-Emergency movement was a learning experience for me. It reaffirmed the vitality of preserving our democratic framework. At the same time, I got to learn so much from people across the political spectrum. I am… https://t.co/nLY4Vb30Pu
— Narendra Modi (@narendramodi) June 25, 2025
