इस्लामाबाद: राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठक के बाद पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ कड़े कदमों का ऐलान किया है। उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSC के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी तरह के व्यापारिक गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसमें पाकिस्तान के माध्यम से किसी तीसरे देश के साथ होने वाला व्यापार भी शामिल है।
इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को भी भारतीय स्वामित्व वाली या भारतीय संचालित सभी एयरलाइनों के लिए तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि वह भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौतों, जिसमें शिमला समझौता भी शामिल है, को निलंबित करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने वाघा बॉर्डर को भी तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया है। सभी भारतीयों को जारी किए गए सार्क वीजा भी रद्द कर दिए गए हैं। इसके अलावा, सभी भारतीय सैन्य राजनयिकों को जिलाबदर घोषित कर दिया गया है और इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में कर्मचारियों की अधिकतम संख्या भारत की तरह 30 कर दी गई है।
इशाक डार ने यह भी बताया कि भारत द्वारा उनके राजनयिक को तलब कर डिमार्शे जारी करने के बाद, पाकिस्तान भी इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर डिमार्शे जारी करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय डिमार्शे में सिंधु जल संधि को निलंबित करने की कोई बात नहीं है, जिस पर भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, कानून मंत्री आजम नजीर तर्रार, सूचना मंत्री अता उल्लाह तर्रार और अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान भी मौजूद रहे, जिससे इन फैसलों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
