धामनोद, धार: कहते हैं कि सच्चा प्यार भाषा का मोहताज नहीं होता — यह बात धार जिले के धामनोद में एक अनोखे विवाह ने साबित कर दी। शिवानी विश्वकर्मा और प्रदीप यादव, दोनों ही जन्म से मूकबधिर, ने एक-दूसरे को समझा, अपनाया और जिंदगी भर साथ निभाने का वादा कर विवाह के बंधन में बंध गए।
इन दोनों की पहचान इंस्टाग्राम पर हुई, जहां दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली। खास बात यह रही कि जब उन्होंने अपने रिश्ते की बात अपने-अपने परिवारों से की, तो दोनों परिवारों ने पूरे दिल से इसे स्वीकार किया।
शादी धामनोद के एक निजी गार्डन में पूरे रीति-रिवाज और उत्साह के साथ संपन्न हुई। विवाह समारोह में क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियों के साथ-साथ एसडीओपी मोनिका सिंह भी शामिल हुईं।
यह विवाह न सिर्फ दो दिलों का मिलन था, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी था कि प्रेम के लिए शब्दों की नहीं, भावना की जरूरत होती है।
शिवानी के पिता ने भावुक होकर कहा, “मेरी बेटी को अब वह जीवनसाथी मिल गया है, जो उसे पूरी तरह समझता है।”
समाज के लोगों ने भी इस शादी को दिल से सराहा और कहा — यह सिर्फ एक विवाह नहीं, बल्कि एक मिसाल है।
