चित्तरंजन रेलनगरी के स्ट्रीट नंबर-11 में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब क्वार्टर नंबर 11बी के भीतर मानव कंकाल बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि यह रेलवे क्वार्टर लंबे समय से बंद था। घर के अंदर पूजा स्थल के पास कंकाल मिलने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में कंकाल की पहचान करीब 59 वर्षीय चिरेका कर्मी प्रकाश चंद्र राउत राय के रूप में किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए जांच सहित अन्य वैज्ञानिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, प्रकाश चंद्र राउत राय इसी रेलवे क्वार्टर में अकेले रहते थे और वर्ष 2021 से उनके लापता होने की बात कही जा रही है। उनके गायब होने के संबंध में वर्ष 2023 में गुमशुदगी की डायरी भी दर्ज कराई गई थी। अब उसी क्वार्टर के भीतर मानव कंकाल मिलने के बाद पुराने लापता होने के मामले से इसका संबंध होने की आशंका को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कंकाल उसी मकान से मिलने के बाद पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि इतने लंबे समय तक बंद रहे क्वार्टर में यह स्थिति कैसे बनी रही और प्रकाश चंद्र के साथ आखिर क्या हुआ। फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंकाल की पहचान के साथ मौत के कारणों का पता लगाने के लिए डीएनए जांच और पोस्टमार्टम समेत वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। इन रिपोर्टों के सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
