उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान हुए विवाद ने एक परिवार और दो पुरोहित परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। घर में चल रही पूजा के बीच अरविंद सिंह ने कथित तौर पर रिवाल्वर से फायरिंग कर दी। गोलीबारी में उसकी पत्नी बबीता सिंह और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की मौत हो गई, जिनमें पंडित महेंद्र पाठक भी शामिल थे। इसके बाद अरविंद ने अपने तीन बच्चों को बंधक बना लिया। पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हुई जवाबी फायरिंग में अरविंद की मौत हो गई। वहीं, घायल 8 वर्षीय बेटे शौर्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह घटना में कुल पांच लोगों की जान चली गई।
अब आरोपी अरविंद सिंह की मां श्यामबला देवी ने ‘आजतक’ से बातचीत में घटना को लेकर कई बातें बताई हैं। उनके मुताबिक, अरविंद की सलामती के लिए उसकी पत्नी बबीता पिछले तीन दिनों से घर में तीन पुरोहितों की मौजूदगी में महामृत्युंजय का जाप करवा रही थी। श्यामबला देवी ने बताया कि शाम करीब 5:30 बजे अरविंद घर पहुंचा और पूजा करा रहे पुरोहितों से आधार कार्ड मांगने लगा।
मां के अनुसार, बबीता ने पुरोहितों से आधार कार्ड मांगने और उनके साथ किए जा रहे व्यवहार का विरोध किया। इसी बात को लेकर अरविंद और बबीता के बीच विवाद हुआ। श्यामबला देवी का दावा है कि इसके बाद अरविंद ने पहले अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद वहां मौजूद तीन पुरोहितों में से दो पर फायरिंग की, जबकि तीसरा पुरोहित मौके से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
श्यामबला देवी ने अरविंद की पुरानी परेशानी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर 2018 को अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या हुई थी। इस घटना के बाद से अरविंद काफी परेशान रहने लगा था। परिवार के मुताबिक, सुनील की हत्या का मामला अभी अदालत में लंबित है।
आरोपी की मां ने परिवार से जुड़े एक पुराने मुकदमे की जानकारी भी दी। उनके मुताबिक, 2015 में बबीता ने पड़ोस के दो लोगों के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में दोनों को 20-20 साल की सजा हुई थी। श्यामबला देवी ने बताया कि सुनील सिंह की हत्या इस मामले की सुनवाई से ठीक पहले हुई थी।
जिस रिवाल्वर से अरविंद ने कथित तौर पर गोलीबारी की, वह उसके दिवंगत भाई सुनील सिंह की बताई जा रही है। मां के अनुसार, यह हथियार बाद में अरविंद के नाम ट्रांसफर हुआ था।
घटना के बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ कमरे में बंद हो गया था। उसके पास तीन लाइसेंसी हथियार और दर्जनों कारतूस होने की बात सामने आई। पुलिस ने बच्चों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दरवाजा तोड़े जाने के दौरान अरविंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की ओर से आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।
