ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने 13 साल बाद दिलीप ट्रॉफी पर किया कब्जा, साउथ जोन को पछाड़ा

ईस्ट जोन ने आखिरकार 13 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए दिलीप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पिछले 12 सेशन से इस टूर्नामेंट में लगातार मजबूत प्रदर्शन करने वाली ईस्ट जोन की टीम ने फाइनल में पहली पारी की बड़ी बढ़त के दम पर साउथ जोन को पछाड़ दिया।

ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने जीता दिलीप ट्रॉफी का खिताब
ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने जीता दिलीप ट्रॉफी का खिताब

ईस्ट जोन ने पिछले 12 सत्रों में दिखाए अपने निरंतर दबदबे को 13 साल लंबे अंतराल के बाद दिलीप ट्रॉफी के खिताब में तब्दील कर लिया है। गुरुवार को फाइनल मुकाबले के पांचवें और अंतिम दिन ईस्ट जोन ने पहली पारी में मिली भारी-भरकम बढ़त के बल पर साउथ जोन को पछाड़कर ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया। हालांकि यह मैच आधिकारिक तौर पर ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी में 7 विकेट पर 388 रन बनाकर कुल 760 रनों की विशालकाय बढ़त हासिल कर ली थी, जिससे साउथ जोन की वापसी की तमाम उम्मीदें खत्म हो गईं।

फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की पहली पारी का स्कोर 708 रन रहा, जिसके जवाब में साउथ जोन की टीम काफी पीछे छूट गई और ईस्ट को 372 रनों की विशाल पहली पारी की बढ़त हासिल हुई। मैच के अंतिम दिन 5 विकेट पर 212 रन से आगे खेलते हुए ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम को साउथ के आक्रमण से कोई खास चुनौती नहीं मिली। युवा बल्लेबाज मोहम्मद कौनीयन कुरैशी ने अपने करियर के महज दूसरे फर्स्ट-क्लास मैच में नाबाद 116 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली। उन्होंने सातवें विकेट के लिए अनुकूल रॉय (64) के साथ 150 रनों की मजबूत साझेदारी की। दोपहर 2:10 बजे जब दोनों टीमों ने मैच ड्रॉ करने पर सहमति जताई, उससे काफी पहले ही ईस्ट जोन अपनी जीत सुनिश्चित कर चुका था।

इस खिताबी मुकाबले में साउथ जोन के लिए टीम चयन की रणनीतिक चूक भारी पड़ी। साउथ प्रबंधन ने करुण नायर, मयंक अग्रवाल और साई किशोर जैसे फॉर्म में चल रहे अनुभवी खिलाड़ियों को अंतिम एकादश से बाहर रखा, जबकि उनकी जगह शामिल किए गए खिलाड़ी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। दूसरी ओर, ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने एकजुट होकर शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान ईशान किशन ने पहली पारी में 270 रनों की मैराथन पारी खेलकर रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी तैयारियों का लोहा मनवाया, वहीं अपने 100वें फर्स्ट-क्लास मैच में मैदान पर उतरे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने धारदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। इसके अलावा कुमार कुशाग्र ने अपना छठा फर्स्ट-क्लास शतक जड़ा और शिखर मोहन ने भी संयमित अर्धशतक जमाया।

ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने मैच के बाद अपनी रणनीतिक सोच पर बात करते हुए कहा कि एक कप्तान के तौर पर मैच की स्थिति को समझना सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम का मुख्य लक्ष्य पहली पारी के आधार पर बढ़त हासिल कर साउथ जोन के 10 विकेट चटकाना था। पहली पारी में 372 रनों की बढ़त मिलने के बाद फॉलो-ऑन न देकर दोबारा बल्लेबाजी करने के फैसले पर किशन ने कहा कि चिलचिलाती धूप में दोबारा क्षेत्ररक्षण करने के बजाय बड़ी बढ़त को सुरक्षित करना उनकी रणनीति का हिस्सा था। इस तकनीकी दृष्टिकोण के दम पर ईस्ट जोन ने लंबे समय से चले आ रहे खिताबी सूखे को खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।

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