कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी लगातार राज्य सरकार के निशाने पर हैं। इस बीच, गुरुवार को अपने पार्टी कार्यालय में हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर अभिषेक बनर्जी ने सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि सुबह-सुबह बीजेपी समर्थकों ने उनके पार्टी दफ्तर में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य के राज्यपाल इस पर कोई कदम उठाएंगे, क्या केंद्रीय गृह मंत्रालय कोई सख्त कार्रवाई करेगा या फिर केंद्र सरकार इसे अनदेखा करती रहेगी।
कार्यपालिका और प्रशासन से गुहार लगाने के बाद टीएमसी सांसद ने न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट से आग्रह किया कि वह राज्य के मौजूदा हालातों का गंभीरता से संज्ञान ले और पश्चिम बंगाल में कानून का शासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
This is what the BJP has done to my party office in the early hours of this morning.
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) September 3, 2026
Will the Governor of WB act? Will the Union Home Minister act? Will the PMO act? Or will they continue to look the other way?
It is high time the judiciary, particularly the Calcutta High… pic.twitter.com/SLNwNQ6u7k
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर सीधा हमला बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री आखिर टीएमसी और उनसे इतना क्यों डरते हैं कि उन्हें डराने और धमकाने जैसे ओछे हथकंडे अपनाने पड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि राज्य में मुख्य विपक्षी दल के साथ हिंसा, तोड़फोड़ और उत्पीड़न की राजनीति की जानी है, तो मुख्यमंत्री के पास अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचता है और उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने कड़े शब्दों में कहा कि पश्चिम बंगाल में जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र नहीं बल्कि साफ तौर पर राजनीतिक गुंडागर्दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी हर हरकत, हर हमला, डराने-धमकाने की कोशिश और सत्ता के हर दुरुपयोग को याद रखा जाएगा और भविष्य में कुछ भी भुलाया नहीं जाएगा। इस घटना के बाद से राज्य में राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है और टीएमसी समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
