अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास को काफी हद तक कम करने के निर्देश दिए हैं। ट्रंप ने यह कदम तब उठाया जब दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के अमेरिकी अभियान में शामिल होने के अनुरोध को ठुकरा दिया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने लिखा कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ उनके बहुत अच्छे संबंध हैं, इसलिए उन्हें अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच बहुत पहले हुआ संयुक्त सैन्य अभ्यास का समझौता बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा है।
ट्रंप ने कहा कि यह सैन्य अभ्यास न केवल बहुत महंगा है, जिसका ज्यादातर खर्च अमेरिका ही उठाता है, बल्कि यह एक गलत और आक्रामक संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि यह संदेश उत्तर कोरिया के लिए ठीक नहीं है, जो उनके राष्ट्रपति बनने के बाद से बहुत शांत और सम्मानजनक रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि इन सैन्य अभ्यासों को अब पूरी तरह रद्द करने में बहुत देर हो चुकी है, फिर भी उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इनका दायरा काफी हद तक घटाने के निर्देश दिए हैं। इसी पोस्ट में ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में जब उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से ईरान के निशस्त्रीकरण अभियान में साथ देने को कहा, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया।
Based on my very good relationship with Kim Jong Un, of North Korea, I am not happy with the fact that the United States has, long ago, agreed to participate in Joint Military Exercises with South Korea. These exercises are not only costly, with much of these costs paid for by… pic.twitter.com/IcVjiJyDX9
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) August 16, 2026
एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ पर खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि मिडिल ईस्ट के देश जिस तरह एक साथ आ रहे हैं और अपनी रक्षा को बेहतर ढंग से मजबूत कर रहे हैं, वह काबिले तारीफ है। ट्रंप ने इन तीनों देशों के नेतृत्व को बधाई देते हुए इसे एक बहुत बड़ा, साहसी और बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया।
