अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS लिंकन’ पर बदहाली: फफूंद, टूटे शौचालय और नाविकों में आत्महत्या के विचार

अमेरिकी नौसेना मिडिल ईस्ट में USS अब्राहम लिंकन की जगह USS जॉर्ज वॉशिंगटन को भेजने की तैयारी कर रही है। यह फैसला ऐसे समय सामने आया है जब लिंकन पर तैनात नौसैनिकों की स्थिति और जहाज की लंबे समय से जारी तैनाती को लेकर परिवारों और अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है।

USS अब्राहम लिंकन पर नाविकों का गिरता मनोबल
USS अब्राहम लिंकन पर नाविकों का गिरता मनोबल

वॉशिंगटन: अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ पर तैनात नाविकों की खराब स्थिति और उनके घटते मनोबल की खबरों के बीच अमेरिका मिडिल ईस्ट में उसकी जगह एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन’ भेजने की तैयारी कर रहा है। लंबे समय से समुद्र में तैनात इस जहाज के नाविकों द्वारा समुद्र में कूदने की कोशिश करने की खबरों के बाद अमेरिकी सांसदों और सैन्य परिवारों ने वहां के हालात पर गंभीर चिंता जताई है।

अमेरिकी नौसेना के बयानों और अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में वियतनाम के दा नांग से रवाना हुआ ‘यूएसएस वॉशिंगटन’ सिंगापुर जलडमरूमध्य और मलक्का जलडमरूमध्य से गुजरते हुए अब हिंद महासागर की ओर बढ़ रहा है।

‘द गार्जियन’ और ‘द हिल’ की रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां नाविकों ने समुद्र में कूदने का विचार किया या प्रयास किया। कम से कम एक मामले में अन्य नाविक ने अपने साथी को ऐसा करने से रोका था। नाविकों के परिवारों ने भी वहां मौजूद लोगों में बढ़ते आत्महत्या के विचारों को लेकर अपनी आशंकाएं व्यक्त की हैं।

डेमोक्रेटिक सांसद माइक लेविन ने जहाज की बदतर स्थिति का ब्योरा देते हुए बताया कि नाविक फफूंद से भरे शावर, टूटे शौचालय, हफ्तों से बंद पड़े लॉन्ड्री सिस्टम, गर्म पानी की कमी और बेहद सीमित भोजन जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। उन्हें बुनियादी जरूरत की चीजें जैसे साबुन, डियोड्रेंट और टूथपेस्ट भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

हाल ही में सैन डिएगो में हुई एक परिजनों की बैठक के दौरान परिजनों ने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई। एक महिला ने बताया कि उसके पति ने उसी दिन मैसेज भेजकर उम्मीद जताई थी कि वह अगली सुबह न उठे। वहीं नेवी टाइम्स के मुताबिक, एनाबेल लोमा नामक महिला ने बताया कि तैनाती बार-बार बढ़ाए जाने के बाद उनके पति ने समुद्र में कूदने का प्रयास किया था।

नौसेना के एक अधिकारी ने इन आरोपों के बीच कहा है कि कमांड के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जहाज पर आत्महत्या के विचारों या प्रयासों में कोई वृद्धि नहीं देखी गई है। नौसेना ने दावा किया है कि नाविकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है और जहाज पर स्वच्छ पानी, काम करने वाले एयर कंडीशनर और भोजन के विकल्प पहुंचाए जा रहे हैं।

‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ से बातचीत में अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एयरक्राफ्ट कैरियर का यह बदलाव पूर्व-निर्धारित रोटेशन का हिस्सा है और इसका लिंकन से जुड़ी चिंताओं से सीधा संबंध नहीं है। गौरतलब है कि इस न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर पर सवार लगभग 5,000 नाविक और मरीन पिछले वर्ष 21 नवंबर को सैन डिएगो से रवाना हुए थे और वे अब तक समुद्र में 250 से ज्यादा दिन बिता चुके हैं।

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