वॉशिंगटन: दुनियाभर में भारत की साख और इसके बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। ग्लोबल थिंक-टैंक ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ की ओर से 36 देशों में कराए गए एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे में भारत को लेकर वैश्विक राय काफी बंटी हुई नजर आ रही है। इस रिसर्च के अनुसार, शामिल किए गए 36 देशों में औसतन 45 प्रतिशत लोग भारत के प्रति सकारात्मक नजरिया रखते हैं, जबकि 41 प्रतिशत लोगों की राय नकारात्मक है। प्यू रिसर्च सेंटर ने यह सर्वे इस साल 9 फरवरी से 13 फरवरी के बीच आयोजित किया था।
सबसे दिलचस्प और नाटकीय आंकड़े भारत के पड़ोसी मुल्कों से सामने आए हैं, जहां राय में भारी अंतर देखा गया है। एक तरफ श्रीलंका में रिकॉर्ड 79 प्रतिशत लोग भारत को पसंद करते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में यह आंकड़ा सिमटकर महज 7 प्रतिशत रह गया है। इसके अलावा केन्या और यूनाइटेड किंगडम में भी भारत के प्रति काफी मजबूत और सकारात्मक माहौल है, जहां 10 में से 7 लोग भारत को पसंद करते हैं।
जर्मनी, इजरायल, इटली, स्वीडन, जापान और थाईलैंड में भी बहुसंख्यक लोग भारत के बारे में अच्छी राय रखते हैं। इजरायल में विचारधारा के आधार पर भी अंतर देखा गया, जहां वामपंथी विचारधारा वाले 46 प्रतिशत लोगों की तुलना में दक्षिणपंथी विचारधारा वाले 68 प्रतिशत लोगों ने भारत को लेकर मजबूत सकारात्मक राय दी है। इसके विपरीत तुर्की में केवल 15 प्रतिशत, जबकि वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम में 18 प्रतिशत लोगों ने ही भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण जताया है।

यूरोपीय और लैटिन अमेरिकी देशों में इस विषय पर राय काफी मिली-जुली रही। यूरोप में जहां सकारात्मक राय का पलड़ा भारी है, वहीं लैटिन अमेरिका में स्थिति इसके विपरीत देखने को मिली। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में कई यूरोपीय देशों में भारत की साख में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 2025 के बाद से ब्रिटेन में भारत के बारे में अच्छी राय रखने वालों की संख्या में 11 पॉइंट और जर्मनी में 6 पॉइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। श्रीलंका में 2024 के बाद से इसमें 14 पॉइंट का इजाफा हुआ है। कोविड-19 महामारी के बाद से भी यह ग्राफ सुधरा है, जहां जर्मनी में सकारात्मक राय 2023 के 47 प्रतिशत से बढ़कर अब 63 प्रतिशत और फ्रांस में 39 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई है।
दूसरी ओर, अमेरिका में भारत की रेटिंग में गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका में 45 प्रतिशत लोगों की राय भारत को लेकर अच्छी है, जबकि 50 प्रतिशत लोग नकारात्मक राय रखते हैं। यह 2008 में रिसर्च शुरू होने के बाद से सबसे निचला स्तर है, जिसमें 2023 के 51 प्रतिशत के मुकाबले गिरावट आई है। माना जा रहा है कि अप्रवासी मामलों, वीजा विवादों और विदेश नीतियों का इस पर असर पड़ा है।
राजनीतिक आधार पर देखें तो डेमोक्रेटिक समर्थकों में 50 प्रतिशत लोग भारत के प्रति सकारात्मक हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों में यह आंकड़ा 42 प्रतिशत है। इसके साथ ही, 54 प्रतिशत अमेरिकियों का मानना है कि भारत का वैश्विक प्रभाव पहले जैसा ही बना हुआ है, 30 प्रतिशत इसे बढ़ता हुआ मानते हैं और 13 प्रतिशत का मानना है कि भारत का प्रभाव कमजोर हुआ है।
