संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दौर में आज राज्यसभा में विधायी कामकाज तेज रहने की संभावना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उच्च सदन में दो अहम विधेयक विचार और पारित कराने के लिए पेश करेंगे। इनमें केरल (अल्टरेशन ऑफ नेम) बिल, 2026 और नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026 शामिल हैं।
केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को राज्य विधानसभा पहले ही सर्वसम्मति से मंजूरी दे चुकी है। यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत तय प्रक्रिया का हिस्सा है। केंद्र सरकार ने फरवरी में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद राष्ट्रपति ने राज्य विधानसभा से राय मांगी थी। केरल विधानसभा ने जुलाई में विधेयक की सभी धाराओं को सर्वसम्मति से मंजूर कर दिया था।
वहीं, नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026 को भी आज राज्यसभा में आगे बढ़ाया जाएगा। यह विधेयक लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका है।
राज्यसभा में आज FCRA संशोधन बिल, 2026 पर भी नजर रहेगी। सरकार इस विवादित विधेयक को विस्तृत जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के पास भेजने पर विचार कर रही है। विपक्षी दल लगातार इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। कई दल इसे वापस लेने या JPC के पास भेजने की मांग कर चुके हैं।
इसके अलावा छात्रों के आंदोलन और प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बना हुआ है। सरकार ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए सहमति जताई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने की बात भी सामने आई है।
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच कई विधेयक पारित हुए हैं। वहीं, राज्यसभा में आज का कामकाज इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि मॉनसून सत्र अब समाप्ति की ओर है। ऐसे में सरकार लंबित विधायी एजेंडे को पूरा करने की कोशिश करेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकता है।
