नई दिल्ली: ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच एक संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तीनों देशों के शीर्ष नेता शुक्रवार को सऊदी अरब के जेद्दा में प्रस्तावित रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। हालांकि, इस समझौते को लेकर अभी तक किसी भी देश की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी सेना से जुड़े एक सूत्र ने दावा किया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जेद्दा में प्रस्तावित संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। सूत्र ने यह भी कहा कि इस समझौते पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, लेकिन हालिया क्षेत्रीय घटनाक्रम के बाद इसकी प्रक्रिया तेज हो गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सूत्र ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर जानकारी दी, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं थी। इसी कारण इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
पिछले कुछ महीनों से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर गुरुवार को सऊदी अरब पहुंच गए हैं। उनकी यात्रा शनिवार तक जारी रहने की जानकारी दी गई है।
तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन भी शुक्रवार को जेद्दा पहुंचने वाले हैं। इससे पहले वर्ष 2025 में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच संयुक्त रक्षा समझौते की घोषणा हो चुकी थी। उस समय भी इस समझौते को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं, जिनमें संभावित परमाणु सहयोग को लेकर भी अटकलें शामिल थीं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले जनवरी में सऊदी सेना से जुड़े एक सूत्र ने दावा किया था कि प्रस्तावित रक्षा समझौते में तुर्की शामिल नहीं होगा। यह बयान उस समय सामने आया था, जब तुर्की के एक अधिकारी ने संकेत दिया था कि अंकारा इस संभावित गठबंधन में शामिल होने को लेकर बातचीत कर रहा है।
फिलहाल प्रस्तावित संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर तीनों देशों की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
