देहरादून: उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 07 अगस्त 2026 को राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से देहरादून, टिहरी, बागेश्वर, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है, जबकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर समेत मैदानी इलाकों में भी मेघगर्जन और तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में हल्की गिरावट आई है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य बना हुआ है।
रुद्रप्रयाग जिले में देर रात से हो रही तेज बारिश के कारण गीड़ गदेरा उफान पर आ गया। गदेरे का पानी और मलबा बाजार तथा कई दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने नेशनल हाईवे अधिकारियों को निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और केदारनाथ हाईवे से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने 07 अगस्त को जिले के कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है।
चमोली और उत्तरकाशी जिलों में भी लगातार बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। चमोली के वांण-देवाल क्षेत्र में मलबा गिरने से मुख्य सड़कें बंद हो गई हैं और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिले में 30 से अधिक ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद बताए गए हैं। हालांकि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात जारी है, लेकिन कर्णप्रयाग-ग्वालदम मार्ग मलबा आने से बाधित है। वहीं उत्तरकाशी में जोशियाड़ा के रिहायशी इलाकों और खेतों में पानी भर गया है। डबरानी के पास भूस्खलन के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है, जिससे कई कांवड़िए और श्रद्धालु फंस गए हैं। जंगलचट्टी के पास लगातार पत्थर गिरने से यमुनोत्री हाईवे भी बंद है।
मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से लगभग 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन घाट जलमग्न हो चुके हैं, जबकि परमार्थ निकेतन स्थित भगवान शिव की प्रतिमा का आधार भी गंगा के पानी की चपेट में आ गया है। स्थिति को देखते हुए जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर हैं।
देहरादून के चकराता क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण बरसाती नाले उफान पर हैं। हरिपुर-क्वानू-मीनस मोटर मार्ग पर तेज बहाव के बीच सेब से लदा एक ट्रक बीच रास्ते में फंस गया, हालांकि बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। 07 अगस्त से 12 अगस्त तक मानसून की गतिविधियां सक्रिय रहने का अनुमान है। 08 अगस्त को रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 09 और 10 अगस्त को देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, उत्तरकाशी और चंपावत में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 11 और 12 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
