नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के युवाओं के नाम जारी किया गया एक सेल्फी वीडियो हाल ही में जबरदस्त चर्चा में रहा। इंस्टाग्राम पर पोस्ट होते ही रिकॉर्ड व्यूज हासिल करने वाले इस वीडियो को जब मेटा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ से हटा दिया, तो इंटरनेट पर हंगामा मच गया। विवाद बढ़ता देख अब टेक कंपनी मेटा ने अपनी गलती मानते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है और माफी मांगी है।
गलती से हटी थी पोस्ट, मेटा ने किया रिस्टोर
मेटा के प्रवक्ता ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा, “वह कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और अब उसे पूरी तरह से बहाल (restore) कर दिया गया है।”
हालांकि, बात सिर्फ माफी तक सीमित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लिया है और इसे बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है। सरकार इस तकनीकी चूक या पक्षपात के पीछे के कारणों की जांच कर रही है और इस बाबत मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया गया है।
24 घंटे में बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जुलाई की देर रात देश के छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए एक खास वीडियो संदेश साझा किया था। इंस्टाग्राम पर अपलोड होते ही इस सेल्फी वीडियो ने सिर्फ 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड-तोड़ व्यूज हासिल कर एक नया विश्व कीर्तिमान कायम कर दिया था। लेकिन फेसबुक से इसके गायब होते ही यूजर्स और सरकार दोनों की नजर इस पर पड़ी, जिसके बाद मेटा को बैकफुट पर आना पड़ा।
“विद्यार्थियों का एक वर्ष बर्बाद न हो” — वीडियो में बोले थे PM मोदी
अपने इस चर्चित वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने नीट पेपर लीक से आहत छात्रों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की थी। पीएम मोदी ने कहा था:
“पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। यह लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद पीड़ादायक है। इस मामले में गुनहगारों को बख्शा नहीं गया है, वे जेल में हैं। हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह थी कि विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद न हो। इसलिए तत्काल परीक्षाएं कराना बेहद जरूरी था। सरकार ने अपनी पूरी शक्ति लगाकर कम से कम समय में 22 लाख विद्यार्थियों का एग्जाम कराया और हाल ही में 19 तारीख को नतीजे भी आ गए।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार सिर्फ परीक्षा कराकर संतोष बैठने वाली नहीं है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए प्रधानमंत्री के निर्देशों पर संसद में सख्त ‘एंटी पेपर लीक बिल’ भी लाया गया है, जिसके तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।
