नरसिंहपुर: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 19 जुलाई को जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे पर पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में इस घटना को सेल्फी लेने के दौरान हुआ सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन मौके से मिले डंपर के पहियों के निशान और अंग्रेजी के अक्षर ‘A’ ने जांच की दिशा बदल दी। इसके बाद मामला कथित तौर पर सुनियोजित हत्या का निकला।
हादसे से हत्या तक कैसे पहुंची जांच?
जांच के दौरान सामने आया कि समाजवादी पार्टी के युवा नेता राजेंद्र पटेल की रेत माफिया आरोपी आनंद पटेल से रंजिश थी, क्योंकि राजेंद्र अवैध रेत खनन का विरोध करते थे। इसके अलावा राजेंद्र पटेल की जबलपुर के अस्पताल संचालक डॉ. अमित खरे से भी रंजिश बताई गई। आरोप है कि दोनों ने मिलकर राजेंद्र पटेल की हत्या की योजना बनाई और इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की रणनीति बनाई।
हाईवे पर पहले से तैनात किए गए थे डंपर
जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी आनंद पटेल को पता चला कि राजेंद्र पटेल अपने साथियों के साथ हाथीनाला वाटर फॉल घूमने गए हैं। इसके बाद कथित योजना के तहत जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे के दोनों ओर डंपर तैनात किए गए। एक डंपर आनंद पटेल स्वयं चला रहा था और घटना पर नजर रखने के लिए एक मुखबिर भी तैनात किया गया था।
सड़क हादसे जैसा दिखाने की कोशिश
आरोप है कि जब आनंद पटेल को सूचना मिली कि राजेंद्र पटेल हाईवे के किनारे खड़े हैं, तो उसने डंपर से उन्हें कुचल दिया। उस समय राजेंद्र हाईवे से 3-4 फीट दूर जमीन पर थे, जबकि उनके अन्य साथी सड़क पर खड़े थे। आरोपी ने कथित तौर पर बाकी साथियों को भी डंपर से कुचल दिया और पूरे घटनाक्रम को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।
पुलिस को पहले लगा था हादसा
घटना 19-20 जुलाई की रात की है। सूचना मिलने पर सुआतला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अंधेरा होने के कारण शुरुआती जांच में मामला सड़क हादसा प्रतीत हुआ। हालांकि, बाद में पुलिस ने घटनास्थल पर मिले पहियों के निशानों का विश्लेषण किया और पाया कि डंपर पहले सड़क से नीचे उतरा, राजेंद्र पटेल को कुचला और फिर सड़क पर लौटकर अन्य लोगों को भी अपनी चपेट में लिया।
‘A’ अक्षर से खुला राज
घटनास्थल से मिला अंग्रेजी का अक्षर ‘A’, जो टाटा के डंपर का हिस्सा बताया गया, जांच का अहम सुराग बना। इसके आधार पर पुलिस ने डंपर की तलाश शुरू की और जांच में यह डंपर आनंद राजपूत का बताया गया। इसी दौरान मृतकों के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
जंगल में मिला लावारिस डंपर
सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने हीरापुर-बंदरोहा के जंगल से डंपर को लावारिस हालत में बरामद किया। इसके बाद मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं और घटना को लेकर जांच तेज हो गई।
11 लोगों की भूमिका, 10 गिरफ्तार
पुलिस ने मुख्य आरोपी आनंद पटेल को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि इस पूरे घटनाक्रम में कुल 11 लोगों की कथित संलिप्तता है। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें अस्पताल संचालक अमित खरे भी शामिल हैं।
मुखबिर से कराई गई थी मौत की पुष्टि
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद आनंद पटेल ने डंपर कुछ दूरी पर रोक दिया और अपने मुखबिर, जो एक दुकानदार बताया गया है, को घटनास्थल पर भेजा। आरोप है कि मुखबिर ने राजेंद्र पटेल की हालत देखकर आनंद को बताया कि उनकी सांसें चल रही हैं, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा फोन कर सूचना दी कि उनकी मौत हो चुकी है। इसके बाद आरोपी डंपर को ठिकाने लगाकर फरार हो गया।
इन लोगों की हुई थी मौत
इस घटना में पावला निवासी राजेंद्र पटेल, वीरेंद्र लोधी (20), रामपाल लोधी (21), बरपटी निवासी जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (25) की मौत हुई थी। वहीं आकाश लोधी (24) गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
