संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने वाली है। उन्होंने विपक्षी दलों से सकारात्मक रवैया अपनाने और सदन की कार्यवाही को सुचारू एवं उत्पादक बनाने की अपील की।
मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि मानसून और मानसून सत्र दोनों ही सक्रिय रहें, तो दोनों ही देश के लिए अत्यंत उत्पादक साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि देश के कल्याण के लिए मानसून भी प्रोएक्टिव रहे और मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे, यही उनकी प्रार्थना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मानसून सत्र से पहले एक भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर थे, जबकि दो दिन पहले भारत के युवाओं के नेतृत्व वाले एक स्टार्ट-अप ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे अब तक बहुत कम देश ही हासिल कर पाए हैं। उनके अनुसार यह देश के युवाओं की असीम क्षमता और महत्वाकांक्षा का मजबूत संदेश है।
पीएम मोदी ने संसद में स्वस्थ चर्चा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जहां तर्क और तथ्य होते हैं, वहां शोर-शराबे की जरूरत नहीं होती। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में चर्चा तथ्यों और तर्कों के आधार पर होगी तथा हर आवाज़ को सुने जाने का अवसर मिलेगा।
Speaking at the start of the Monsoon Session of Parliament. May this session witness productive discussions that strengthen India's development journey. https://t.co/v25Vg62apy
— Narendra Modi (@narendramodi) July 20, 2026
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल की कई परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई है, देश का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हुआ है और हाल ही में ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन भी देश को समर्पित की गई है। उन्होंने कहा कि भारत की यह हाइड्रोजन ट्रेन सबसे ताकतवर इंजन वाली और सबसे लंबी है।
जानकारी के अनुसार, मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है। इनमें आयकर संशोधन विधेयक, 2026, सर्वोच्च न्यायालय संशोधन विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026, जन्म और मृत्यु का पंजीकरण संशोधन विधेयक, 2026, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक, 2026, विदेशी अंशदान संशोधन विधेयक, 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 शामिल हैं।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, संसद का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर गुरुवार, 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। 25 दिनों के इस सत्र में कुल 19 बैठकें निर्धारित हैं, जिनमें राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा के साथ कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना है।
