केतन अग्रवाल मर्डर केस की आरोपी सिया गोयल के परिवार पर शिकंजा! FDA ने सील की मसाले की दुकान, लाखों का माल जब्त

पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की मुख्य आरोपी सिया गोयल के परिवार से जुड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान ‘मेसर्स बीजी गोयल एंड कंपनी’ पर महाराष्ट्र FDA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया है और ₹8.14 लाख का माल जब्त किया है।

Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल के परिवार की मसाला और सूखे मेवों की दुकान पर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। कथित खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में विभाग ने दुकान को नोटिस जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से उसका संचालन बंद करने का आदेश दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, ‘मेसर्स बीजी गोयल एंड कंपनी’ के नाम से संचालित यह प्रतिष्ठान पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में स्थित है और सिया गोयल के परिवार से जुड़ा है। एफडीए की टीम ने दुकान का निरीक्षण किया, जिसके बाद वहां की व्यावसायिक गतिविधियों को अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ‘संत’ और ‘साधु’ ब्रांड की हल्दी पाउडर, तिल और सोयाबीन वड़ियों सहित चार खाद्य उत्पादों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। एफडीए का कहना है कि इन उत्पादों के लेबल पर आवश्यक जानकारी अधूरी या गलत पाई गई, जबकि कुछ उत्पादों में मिलावट की आशंका भी जताई गई। जांच के दौरान करीब 8.14 लाख रुपये मूल्य का 4,172 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई है।

एफडीए ने बताया कि प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा एवं मानक (FSS) अधिनियम के तहत निर्धारित अनिवार्य नियमों का पालन नहीं कर रहा था। इसके अलावा लाइसेंस संबंधी आवश्यक विवरणों में भी समय पर संशोधन नहीं किया गया, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी कमियों को दूर किए बिना दुकान को दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर हत्या कर दी थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को दोनों के मोबाइल फोन से कथित रूप से संकेतों और कोड भाषा में हुई बातचीत मिली थी, जिसके आधार पर आगे पूछताछ की मांग की गई थी।

हालांकि, अभियोजन पक्ष की अतिरिक्त पुलिस हिरासत की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया था और दोनों आरोपियों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। उनकी न्यायिक हिरासत अब समाप्त होने वाली है और मामले की अगली सुनवाई में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।

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