चढ़ावा चोरी मामले के आरोपित लवकुश मिश्र के निर्माणाधीन मकान को लेकर विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्राधिकरण ने लवकुश मिश्र की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम नोटिस उनके निर्माणाधीन मकान पर चस्पा कर दी है। नोटिस में उन्हें सुनवाई का अंतिम अवसर देते हुए 15 जुलाई की तारीख तय की गई है।
प्राधिकरण के अनुसार, सुप्रिया मिश्रा को एडीए कार्यालय में उपस्थित होकर भवन निर्माण के मानचित्र से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। यदि निर्धारित तिथि पर वह उपस्थित नहीं होती हैं, तो निर्माणाधीन मकान को सील करने सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले भी एडीए ने सुप्रिया मिश्रा के नाम नोटिस जारी कर 3 जुलाई को सुनवाई के लिए बुलाया था, लेकिन वह जवाब देने के लिए कार्यालय नहीं पहुंचीं। इसके बाद दोबारा नोटिस जारी कर उसे निर्माणाधीन भवन पर चस्पा कराया गया।
एडीए के अनुसार, महायोजना 2031 के तहत यह क्षेत्र ‘ब्लू जोन’ घोषित है, जहां आवासीय भवन का निर्माण अनुमन्य नहीं है। इस क्षेत्र में केवल सार्वजनिक और अर्द्ध सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े निर्माण या संबंधित कार्मिकों एवं कर्मचारियों के आवास बनाए जा सकते हैं।
निर्माणाधीन मकान सआदतगंज के निकट बनबीरपुर क्षेत्र में स्थित है। सीमा विस्तार के बाद यह इलाका नगर निगम के महाराणा प्रताप वार्ड का हिस्सा बन चुका है।
प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि करीब 1,024 वर्ग फीट क्षेत्रफल वाले इस भवन का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के कराया जा रहा था। अवर अभियंता सुरेंद्र यादव की जांच में निर्माण को अवैध पाया गया।
लवकुश मिश्र वर्तमान में चढ़ावा चोरी प्रकरण में जेल में बंद हैं। वह रुदौली थाना क्षेत्र के ठकुरान फगौली के निवासी हैं। एडीए सचिव एवं प्रवर्तन अधिकारी राजेश मिश्र ने बताया कि भवन निर्माण को लेकर पहले भी शमन मानचित्र से संबंधित जवाब मांगा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर दूसरी नोटिस जारी कर उसे निर्माणाधीन मकान पर चस्पा करा दिया गया है।
