जंतर-मंतर आंदोलन को सपा का समर्थन, अखिलेश यादव ने वांगचुक से फोन पर की लंबी बातचीत

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर पर 18 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से फोन पर बात कर स्वास्थ्य लाभ लेने और अनशन तोड़ने की अपील की है। सपा ने इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में अपने दो सांसदों, पुष्पेंद्र सरोज और प्रिया सरोज, को भेजने के बाद मशहूर पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक से फोन पर लंबी बातचीत की है। अखिलेश यादव ने वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनसे अपना आमरण अनशन तुरंत तोड़ने की भावुक अपील की। सपा प्रमुख ने उनसे कहा कि वे कुछ दिनों तक विश्राम और स्वास्थ्य लाभ लें ताकि नई ऊर्जा के साथ इस जन-आंदोलन को आने वाले समय में पूरे देश के कोने-कोने तक विस्तारित किया जा सके।

गौरतलब है कि नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य प्रमुख मांगों के समर्थन में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसी आंदोलन के मंच पर सोनम वांगचुक अपनी मांगों को मनवाने के लिए पिछले 18 दिनों से कड़े सत्याग्रह और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। लगातार अन्न-जल त्यागने के कारण उनका स्वास्थ्य बेहद नाजुक बना हुआ है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी हर गतिविधि और शारीरिक स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही है।

अखिलेश यादव ने इस बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने सोनम वांगचुक को इस सत्याग्रह के लिए अपनी पार्टी का खुला और पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि पूरा देश और समाजवादी पार्टी उनके इस संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। सपा प्रमुख का मानना है कि व्यापक जनहित को देखते हुए वांगचुक को अपना अनशन खत्म करने के आग्रह पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, क्योंकि आज देश की संपूर्ण युवा शक्ति, उनके अभिभावकों और करोड़ों परिजनों की भी यही पुरजोर आकांक्षा है।

वांगचुक के नैतिक बल की सराहना करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस समय पूरे देश को उनके जैसे सच्चे और अडिग मार्गदर्शक की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने वांगचुक से निवेदन किया कि वे दुनिया भर से आ रहे हजारों अनुरोधों को स्वीकार करें, अपना अनशन समाप्त करें और कुछ दिनों तक उचित चिकित्सा और स्वास्थ्य लाभ लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके बाद नई ऊर्जा का संचय करके वे देश के लोकतंत्र, युवाओं और पर्यावरण की रक्षा के लिए फिर से नए आंदोलनों में जुट जाएं और नकारात्मक, भ्रष्ट तथा लोकतंत्र विरोधी ताकतों के खिलाफ जन-एकजुटता की एक अटूट कड़ी बनकर उभरें।

नीट घोटाले और हाल ही में सामने आई राम मंदिर में चोरी की घटना का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने इसे एक गहरा और बड़ा दिव्य-संकेत बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में डॉक्टर को हमेशा धरती पर भगवान का रूप माना जाता है, इसलिए पूरा देश मंदिर और मेडिकल, दोनों के ही गहरे अंतर्संबंधों में अटूट विश्वास रखता है क्योंकि धर्म के मनोबल का चिकित्सा विज्ञान के साथ एक मनोवैज्ञानिक रिश्ता होता है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह अंतरराष्ट्रीय मीडिया वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जता रहा है, उससे दुनिया भर के सामने वर्तमान सरकार के राज में भारत की लोकतांत्रिक छवि बुरी तरह खंडित हो रही है।

फोन पर बातचीत से पहले अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी एक लंबी पोस्ट साझा कर सोनम वांगचुक से सविनय अपील की थी कि वे अपना अनशन खत्म कर दें। उन्होंने लिखा कि वांगचुक का जीवन पूरी दुनिया के लिए बेहद अनमोल है क्योंकि उनके भीतर मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही गहरी प्रतिबद्धता है जितनी कि लोकतंत्र के प्रति है। उन्होंने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस व्यवस्था को जगाने के लिए वे आमरण अनशन कर रहे हैं, वह पूरी तरह से संवेदनहीन और हृदयहीन हो चुकी है, जहाँ किसी के महान त्याग का कोई मोल नहीं है; इसलिए उनसे सदाचार की उम्मीद करना ही बेकार है।

अखिलेश यादव ने अपने बयान के अंत में बेहद तल्ख लहजे में कहा कि जिन लोगों के भीतर केवल अहंकार भरा होता है, उनके विचारों में कभी सुधार या परिष्कार नहीं आ सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग सत्ता के लालच में मंदिर जैसी पवित्र जगहों को भी नहीं बख्श रहे हैं, वे ‘सत्याग्रह’ के असली और पवित्र महत्व को कभी नहीं समझ सकते। सपा प्रमुख ने कहा कि वर्तमान सत्ता को देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और उनके माता-पिता के आंसुओं व सपनों से कोई सरोकार नहीं है, इसलिए लोकतंत्र का गला घोंटने वाली इन नकारात्मक शक्तियों को हमेशा के लिए परास्त करने के लिए वांगचुक के मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय के लिए हमेशा एक प्रकाश स्तंभ की तरह प्रेरणा बनी रहनी चाहिए।

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