अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कई नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त विभाग के इस फैसले के तहत कई व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजों को प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है। हालांकि विभाग ने एक जनरल लाइसेंस भी जारी किया है, जिसके तहत कुछ सीमित लेन-देन, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े कार्यों के साथ ही 14 जुलाई को प्रतिबंधित किए गए कुछ जहाजों या व्यक्तियों से जुड़े माल की उतराई की अनुमति दी गई है।
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह बातचीत की मेज पर नहीं आता और समझौता नहीं करता है, तो अमेरिका लगातार कड़े और घातक हमले करेगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने पहले हुए समझौतों का कई बार उल्लंघन किया है और अब उसे जल्द फैसला करना होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की लगभग पूरी सैन्य क्षमता कमजोर हो चुकी है।
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने आरोप लगाया है कि पिछले एक सप्ताह में ईरान ने सात कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया। सेंटकॉम के अनुसार इन हमलों में कई नागरिक और चालक दल के सदस्य मारे गए, घायल हुए या लापता हैं। अमेरिका ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे।
दूसरी ओर, ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अज़राक एयर बेस पर स्थित अमेरिकी ठिकाने को कामिकाजे ड्रोन से निशाना बनाया है।
बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने दोनों देशों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। वहीं अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र से तेल और गैस की आपूर्ति हर हाल में सुरक्षित रखी जाएगी।
