अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को भेजे पत्र में बताया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई 7 जुलाई से दोबारा शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सीमित दायरे में की जा रही है और इसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में जमीनी सेना शामिल नहीं है।
10 जुलाई को सीनेट के प्रेसिडेंट प्रो टेम्पोर चक ग्रासली को लिखे पत्र में ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकियों की सुरक्षा तथा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के हितों की रक्षा के लिए की गई है। उन्होंने बताया कि युद्ध शक्तियों से जुड़े कानून के तहत कांग्रेस को इसकी जानकारी दी जा रही है। ट्रंप के अनुसार, हमले सीमित, योजनाबद्ध और इस तरह किए जा रहे हैं कि नागरिकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचे।
लगातार तीसरी रात अमेरिकी हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात भी हमले किए गए। CENTCOM के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सेना की क्षमता को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में नागरिकों तथा वाणिज्यिक जहाजों पर हमले की उसकी क्षमता को कम करना है।
At 4:45 p.m. ET today, U.S. Central Command began launching the third consecutive night of strikes against Iran, at the Commander in Chief's direction. These strikes will continue imposing a heavy cost on Iranian forces and degrade their ability to attack innocent civilians and…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 13, 2026
सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना
CNN के हवाले से एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि हमलों में ईरान की सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है। इनमें तटीय निगरानी प्रणाली, ड्रोन और मिसाइल क्षमताएं शामिल हैं।
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ संघर्ष तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है और अंततः होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का ही नियंत्रण होगा।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी क्षमताओं को समाप्त करने के लिए कार्रवाई कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि सैन्य अभियान कब तक चलेगा, लेकिन कहा कि अमेरिका वही करेगा जो आवश्यक होगा।
Yesterday, using multiple one-way attack surface drones, CENTCOM forces successfully struck a submarine and ship maintenance facility in Iran. Three Corsair unmanned surface vessels hit the port at Bandar Abbas Naval Base, marking the first time American forces have employed sea… pic.twitter.com/bOM2kmgRxz
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 13, 2026
ईरान के खिलाफ फिर होगी नौसैनिक घेराबंदी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी घोषणा की कि अमेरिकी समयानुसार मंगलवार शाम 4 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 2:30 बजे) ईरान के खिलाफ नौसैनिक घेराबंदी फिर से शुरू की जाएगी।
CENTCOM ने नाविकों को सलाह दी है कि वे नोटिस टू मैरिनर्स प्रसारण पर नजर रखें और ओमान की खाड़ी तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास संचालन के दौरान ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 पर अमेरिकी नौसैनिक बलों के संपर्क में रहें।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप का बयान
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ नाकेबंदी फिर से लागू करेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य के संरक्षक के रूप में काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षित आवाजाही के बदले वाणिज्यिक शिपिंग कंपनियों से उनके कार्गो के मूल्य का 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा।
