नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से हवाई और सैन्य हमले शुरू होने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है। इस ताजा भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतें बढ़ने की आशंका गहरा गई है। दरअसल, दोनों देशों के बीच हुए इन हमलों ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल और गैस सप्लाई रूट ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) की नाकेबंदी को लेकर चिंताओं को फिर से हवा दे दी है। राहत की बात यह है कि इस महीने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे आम उपभोक्ताओं को फिलहाल महंगाई से राहत मिली हुई है।
देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम
घरेलू रसोई गैस की कीमतें देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में टैक्स (स्थानीय करों) के आधार पर अलग-अलग हैं, लेकिन आज इनमें कोई बदलाव नहीं देखा गया है:
| शहर | कीमत |
|---|---|
| दिल्ली | ₹942 |
| बेंगलुरु | ₹944.50 |
| हैदराबाद | ₹994 |
| मुंबई | ₹941.50 |
| चेन्नई | ₹957.50 |
| कोलकाता | ₹968 |
| जयपुर | ₹945.50 |
| नोएडा | ₹939.50 |
| गुरुग्राम | ₹950.50 |
| चंडीगढ़ | ₹951.50 |
व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के रेट
इंडियन ऑयल (IOCL) ने हाल ही में 1 जुलाई को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की थी। विभिन्न शहरों में यह कटौती 173 रुपये से लेकर 183.50 रुपये के बीच दर्ज की गई थी, जो व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई। आज के ताजा रेट इस प्रकार हैं:
| शहर | कीमत |
|---|---|
| दिल्ली | ₹2,930 |
| बेंगलुरु | ₹3,021 |
| हैदराबाद | ₹3,191 |
| मुंबई | ₹2,885.50 |
| चेन्नई | ₹3,106 |
| कोलकाता | ₹3,081.50 |
| जयपुर | ₹2,957.50 |
| नोएडा | ₹2.93 |
| गुरुग्राम | ₹2,947.50 |
| चंडीगढ़ | ₹2,954.50 |
सप्लाई बहाल, लेकिन मंडरा रहा है खतरा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं कम होने के बाद, सरकार ने होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को संकट से पहले वाले सामान्य स्तर पर बहाल कर दिया था। हालांकि, अब जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव चरम पर पहुंच चुका है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की वैश्विक आपूर्ति बाधित होने और गैस की कीमतों में दोबारा उछाल आने का खतरा मंडराने लगा है। बाजार विशेषज्ञ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
