कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देशभर के करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। संगठन के अनुसार, 15 जुलाई तक करीब 34 करोड़ पीएफ खातों में वित्त वर्ष का 8.25 प्रतिशत ब्याज जमा किया जाएगा। इसके तहत लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये की ब्याज राशि सीधे खाताधारकों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
EPFO ने बताया कि इस बार ब्याज जमा करने की प्रक्रिया नए CITES 2.01 (Centralized IT Enabled Services) सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सेवाओं को अधिक तेज, सरल और पारदर्शी बनाना है।
नए सिस्टम के लागू होने के बाद देशभर के सभी पीएफ खातों का डेटा एक केंद्रीकृत डेटाबेस में उपलब्ध रहेगा। पहले प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय का अलग-अलग डेटाबेस होने के कारण कई सेवाओं के लिए संबंधित कार्यालय पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब सदस्य किसी भी अधिकृत EPFO कार्यालय से अपनी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत पीएफ खाताधारकों को एक ही पोर्टल पर पीएफ बैलेंस, क्लेम स्टेटस, सेवा रिकॉर्ड और पेंशन से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसके अलावा, क्लेम दाखिल करने से पहले सिस्टम दस्तावेजों या जानकारी में मौजूद कमियों की पहचान कर देगा, जिससे आवेदन में त्रुटियां कम होंगी और क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना भी घटेगी।
EPFO ने ऑटो क्लेम सेटलमेंट की सीमा भी बढ़ा दी है। अब पूरी तरह KYC सत्यापित खातों के लिए 5 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम स्वतः स्वीकृत किए जा सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 1 लाख रुपये थी। इसके साथ ही पीएफ निकासी से जुड़े 13 अलग-अलग नियमों को सरल बनाकर तीन प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। पात्र सदस्य अब अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे।
यदि किसी क्लेम में अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता होगी, तो EPFO ऑनलाइन स्पष्टीकरण मांगेगा और सदस्य डिजिटल माध्यम से उसका जवाब दे सकेंगे। इससे कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी कम हो जाएगी।
नई व्यवस्था का लाभ नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा। आधार से जुड़े UAN वाले खातों का पीएफ अब स्वतः नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। इसके लिए अलग से आवेदन करने या पुराने और नए नियोक्ता की मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही कर्मचारी की सेवा अवधि भी स्वतः अपडेट हो जाएगी, जिससे भविष्य में पेंशन और अन्य लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होगी।
EPS पेंशनधारकों के लिए भी नई सुविधा शुरू की गई है। अब वे देश के किसी भी EPFO कार्यालय में लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे। वहीं, Centralised Pension Payment System (CPPS) लागू होने के बाद पेंशन किसी भी बैंक खाते में प्राप्त की जा सकेगी, चाहे पेंशन फाइल किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय में दर्ज हो।
EPFO का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत खाताधारकों को ब्याज के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। संगठन ने 15 जुलाई तक 8.25 प्रतिशत ब्याज खातों में जमा करने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही क्लेम स्वीकृत होने के दिन ही राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। अंतिम भुगतान की मंजूरी की तारीख तक पीएफ पर ब्याज की गणना जारी रहेगी, जिससे सदस्यों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
EPFO के अनुसार, नया CITES सिस्टम कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए सेवाओं को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे डिजिटल सेवाओं, ऑटो ट्रांसफर, आसान क्लेम प्रक्रिया और समय पर ब्याज भुगतान जैसी सुविधाओं का लाभ करोड़ों खाताधारकों को मिलने की उम्मीद है।
