Shopian Encounter: जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण कामयाबी की खबर आ रही है। पिछले चार दिनों से लगातार चल रही मुठभेड़ के बाद बुधवार 8 जुलाई 2026 को सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप कमांडर जाकिर गनई का शव भारी मात्रा में हथियारों के साथ बरामद कर लिया है। इस बड़ी सफलता के बाद भी सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढील नहीं बरत रही हैं और पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन (तलाशी अभियान) लगातार जारी रखा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत शनिवार को हुई थी, जब सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के जरिए इलाके में दो आतंकवादियों की मौजूदगी का पता चला था। सर्विलांस कैमरों में आतंकियों की हलचल दिखने के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और उसी दिन मुठभेड़ शुरू हो गई। आखिरकार, बेहद कड़े और लंबे मुकाबले के चार दिन बाद बुधवार को शोपियां के चानपोरा गांव से मारे गए इस खूंखार आतंकवादी का शव और उसके हथियार बरामद किए गए। अब आधिकारिक तौर पर यह पूरी तरह कन्फर्म हो चुका है कि इस शोपियां मुठभेड़ में मारा गया आतंकी कोई और नहीं, बल्कि लश्कर का टॉप कमांडर जाकिर गनाई ही था।
सुरक्षा बलों को पिछले कई दिनों से इस टॉप कमांडर की सरगर्मी से तलाश थी। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार को रात भर ऑपरेशन रोकने के बाद सुरक्षा बलों ने सोमवार सुबह एक बार फिर से इस बड़े आतंकवाद-विरोधी अभियान को और तेज कर दिया था, क्योंकि लश्कर के दो आतंकवादी वहां स्थित एक बेहद घने बाग के अंदर छिपकर सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे थे। ऑपरेशन के दूसरे और तीसरे दिन भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मीमंदर इलाके की घेराबंदी को पूरी तरह से कड़ा कर दिया था, जहां शुक्रवार को पहली बार इन आतंकवादियों को देखा गया था।
वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों के चक्रव्यूह में फंसे दोनों आतंकवादियों की पहचान जाकिर और लतीफ के रूप में हुई थी। ये दोनों ही आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के मूल निवासी हैं। सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, लश्कर का कमांडर जाकिर साल 2024 से ही इस प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़कर घाटी में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था, जबकि उसका साथी लतीफ पिछले साल इस संगठन में भर्ती हुआ था। यह मुठभेड़ उस वक्त शुरू हुई थी जब इन आतंकवादियों ने गश्त कर रही सेना की एक टीम पर अचानक अंधाधुंध गोलीबारी कर दी थी, जिसके जवाब में सेना ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। भारी गोलीबारी के बीच दोनों आतंकी घने बाग का फायदा उठाकर वहीं फंस गए थे, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने सूझबूझ से काम लेते हुए आखिरकार लश्कर के इस बड़े चेहरे को ढेर कर दिया।
