भोपाल: राजधानी के एक निजी कॉलेज में सामने आए रेप और ब्लैकमेलिंग के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की जांच रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है, जिसमें एक बड़े ‘लव जिहाद नेटवर्क’ की आशंका जताई गई है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच में सामने आया है कि यह सिर्फ रेप और ब्लैकमेलिंग का मामला नहीं है, बल्कि इसमें जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव भी बनाया जा रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट देकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद पीड़ितों को नशा देकर उनकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए गए। इन आपत्तिजनक सामग्रियों का इस्तेमाल बाद में उन्हें डराने और अन्य लड़कियों को फंसाने के लिए किया गया।
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी पाया कि आरोपी आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से थे, लेकिन उनकी भव्य जीवनशैली किसी ड्रग या अपराध के नेटवर्क से जुड़ाव की ओर इशारा करती है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, आयोग ने सभी कॉलेजों से PoSH (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण) कानून के तहत जवाबदेही रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री और राज्यपाल को सौंप दी है और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
