लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ चल रही सीलिंग कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सुरक्षा मानकों के नाम पर जनता को परेशान कर रही है और भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार पिछले 10 वर्षों से सो रही थी। उन्होंने पूछा कि सरकार के पास अचानक इतना स्टाफ कहां से आ गया कि एक ही दिन में पूरे प्रदेश में हजारों लोगों की जांच कर नोटिस जारी कर दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों और अनुमति के नाम पर अब करोड़ों रुपये की उगाही का खेल शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा आपदा में भी सम्पदा ढूंढ लेती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखे अपने संदेश में अखिलेश यादव ने कहा कि कोचिंग संस्थानों को बंद करने से उन लाखों छात्रों पर असर पड़ेगा जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि संस्थानों को बंद करने के बजाय नोटिस देकर सुरक्षा मानकों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए जाने चाहिए, ताकि किराये पर रहकर पढ़ाई कर रहे छात्रों के कोर्स समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह की ‘कोचिंग बंदी’ से महंगाई से जूझ रहे परिवारों का खर्च और बढ़ जाएगा।
अलीगंज अग्निकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समय रहते पुलिस और प्रशासन पहुंच जाता तो सभी की जान बचाई जा सकती थी और हालात इतने भयावह नहीं होते। उन्होंने कहा कि बच्चों को खोने का दुख सबसे बड़ा होता है और इसे वही समझ सकता है जिसका परिवार हो। अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में सोमवार को लगी आग में 15 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य झुलसने के कारण अस्पतालों में भर्ती हैं।
उधर, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को शहरभर में मानकों के विपरीत संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। दिनभर चली कार्रवाई में 71 प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि 83 भवन मालिकों और प्रबंधकों को नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई की जद में कई बड़े कोचिंग सेंटर भी आए हैं।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर अग्निशमन विभाग और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया। इसके तहत कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, डांस स्टूडियो, प्ले ग्रुप स्कूल, ब्लड बैंक, कंप्यूटर इंस्टीट्यूट, नर्सिंग होम, होटल और व्यावसायिक कॉम्पलेक्स समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह अभियान लगातार तीन सप्ताह तक जारी रहेगा।
मंगलवार देर शाम हुई समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष ने सभी जोनल अधिकारियों को शहरभर में जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बुधवार को एलडीए के प्रवर्तन विभाग ने सभी सात जोनों में कार्रवाई की।
गोमतीनगर क्षेत्र में प्रवर्तन जोन-1 की टीम ने अभियान चलाते हुए एलन कोचिंग, आकाश इंस्टीट्यूट, अनएकेडमी एंड करियर प्वाइंट, विद्यापीठ, अग्रवाल क्लासेस, नारायण कोचिंग और आईक्यू हब समेत नौ कोचिंग सेंटरों को सील किया।
वहीं कानपुर रोड योजना और कृष्णानगर क्षेत्र में प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने फिजिक्स वाला, महिन्द्रा कोचिंग, एलन, आकाश इंस्टीट्यूट और सेन्च्यूरियन समेत 16 कोचिंग सेंटरों को सील किया। साथ ही 16 भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
हजरतगंज क्षेत्र में प्रवर्तन जोन-6 की कार्रवाई के दौरान एलन कोचिंग, आकाश इंस्टीट्यूट, मोशन और ग्रैविटी समेत 14 प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि 20 भवन मालिकों को नोटिस दिए गए। इसी प्रकार प्रवर्तन जोन-5 में पांच भवन सील किए गए और 21 लोगों को नोटिस जारी हुए।
कृष्णानगर, विजय नगर और मानक नगर क्षेत्रों में प्रवर्तन जोन-3 की टीम ने मानकों के विपरीत संचालित ब्राइट फ्यूचर लाइब्रेरी, डिफेंस कैरियर एकेडमी और होटल गुरवीर समेत सात प्रतिष्ठानों को सील किया। वहीं प्रवर्तन जोन-4 में छह प्रतिष्ठानों को सील करते हुए सात भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए।
