इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के माजदल जौन गांव के नीचे हिज्बुल्लाह की एक बड़ी सुरंग का पता लगाने का दावा किया है। सेना के मुताबिक यह सुरंग करीब 200 मीटर लंबी और 29 मीटर गहरी है। सुरंग के भीतर रहने के लिए कमरे, लॉन्च शाफ्ट, सैकड़ों हथियार, एंटी-टैंक मिसाइलें और 50 ईरानी निर्मित विस्फोटक ड्रोन बरामद किए गए हैं।
IDF के अनुसार, यह कार्रवाई 2026 के युद्धविराम (सीजफायर) के दौरान चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान का हिस्सा थी। पिछले सप्ताह 551वीं ब्रिगेड और विशेष याहलोम यूनिट ने इलाके में ऑपरेशन चलाया, जिसमें सेना का दावा है कि 20 से अधिक हिज्बुल्लाह लड़ाके मारे गए। इसके अलावा सुरंग के आसपास मौजूद कई ठिकानों को भी नष्ट किया गया।
इजरायली सेना का कहना है कि यह सुरंग पिछले लगभग दस वर्षों में ईरानी वित्तीय सहायता से बनाई गई थी। सुरंग नागरिक आबादी वाले क्षेत्र के नीचे बनाई गई थी और इसके कुछ हिस्से गांव की मस्जिद के पास भी जुड़े हुए थे। IDF ने आरोप लगाया कि हिज्बुल्लाह नागरिक इलाकों का इस्तेमाल अपनी सैन्य गतिविधियों को छिपाने के लिए कर रहा था।
Imagine how long it takes to carve a tunnel network like this into a mountain.
— Embassy of Israel to the USA (@IsraelinUSA) June 21, 2026
Don't be fooled – this is who Hezbollah is – terrorists occupying Lebanon at the behest of Iran in order to attack Israel. pic.twitter.com/AlzdtH9q5Q
सेना के मुताबिक सुरंग में लंबे समय तक रहने की व्यवस्था मौजूद थी और इजरायल की दिशा में लॉन्च शाफ्ट बनाए गए थे, जिनका इस्तेमाल रॉकेट या मिसाइल दागने के लिए किया जा सकता था। बरामद किए गए 50 ईरानी ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइलों को संभावित हमले की तैयारी का हिस्सा बताया गया है।
IDF द्वारा जारी वीडियो और तस्वीरों में सुरंग के भीतर हथियारों का जखीरा, ड्रोन और अन्य सुविधाएं दिखाई गई हैं। इजरायल का कहना है कि हिज्बुल्लाह युद्धविराम का लाभ उठाकर अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहा था। वहीं लेबनान की ओर से लगातार आरोप लगाया जाता रहा है कि इजरायली सैन्य कार्रवाइयों का असर स्थानीय नागरिक क्षेत्रों पर पड़ रहा है।
इजरायली सेना ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में आगे भी तलाशी अभियान जारी रहेंगे। सेना का उद्देश्य सीमा के आसपास मौजूद सभी सुरंगों और आतंकी ठिकानों का पता लगाकर उन्हें नष्ट करना है। याहलोम यूनिट को विशेष रूप से भूमिगत सुरंगों की पहचान और उन्हें निष्क्रिय करने में विशेषज्ञ माना जाता है।
