रुद्रप्रयाग में गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिख, 24 घंटे से गतिरोध जारी; ITBP और भारी पुलिस बल तैनात

Rudraprayag Gurdwara Standoff: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गुरुद्वारे की छत पर बैठे एक निहंग गुट ने गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग की है। पुलिस और ITBP की तैनाती के बीच प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में नगरासू स्थित एक गुरुद्वारे को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। गुरुद्वारे की छत पर निहंग सिखों का एक गुट पिछले 24 घंटे से अधिक समय से डेरा जमाए बैठा है और नीचे उतरने से इनकार कर रहा है। यह पूरा मामला 16 जून को कर्णप्रयाग में स्थानीय व्यापारियों और निहंगों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सामने आया है। छत पर मौजूद लोगों की मांग है कि कर्णप्रयाग पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए उनके तीन साथियों को तत्काल रिहा किया जाए।

गुरुद्वारे के प्रबंधक बेअंत सिंह ने आरोप लगाया है कि छत पर मौजूद लोग किसी भी मान्यता प्राप्त या पंजीकृत सिख संगठन से जुड़े नहीं हैं। उनका कहना है कि असली निहंग सिख अनुशासित होते हैं और पंजीकृत संस्थाओं के तहत काम करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गुट ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। साथ ही गुरुद्वारे के सोलर पावर सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया है, पानी की आपूर्ति बाधित की गई है और बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, गुरुद्वारे के भीतर एक बुजुर्ग श्रद्धालु को कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया है, जबकि एक युवा सेवादार को बाद में छोड़ दिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस के साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को भी तैनात किया गया है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

एसपी निहारिका तोमर ने फोन के माध्यम से छत पर मौजूद लोगों से नीचे आने की अपील की, लेकिन उन्होंने अपनी मांगों पर अड़े रहने की बात कही। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वहीं कर्णप्रयाग में 27 जून तक धारा 163 (BNSS) लागू कर दी गई है।

उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शुरुआती जांच में यह दो पक्षों के बीच का आपसी विवाद और भावनात्मक प्रतिक्रिया का मामला प्रतीत होता है, इसमें किसी धार्मिक विवाद के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश की सांप्रदायिक सौहार्द्र की स्थिति को प्रभावित नहीं होने देगी।

सरकार ने गढ़वाल रेंज के आईजी को पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के निर्देश दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पारंपरिक वेशभूषा और हथियारों से लैस लोग अभी भी गुरुद्वारे की छत पर मौजूद हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी की जा रही है।

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