छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आपसी विवाद के बाद पति-पत्नी के शव जंगल में फंदे से लटके हुए मिले हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना पायलीखंड थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, पायलीखंड निवासी 65 वर्षीय जयराम नागेश और उनकी 45 वर्षीय पत्नी वेदमती पिछले दो दिनों से घर से लापता थे। मंगलवार देर शाम उनके शव घर से करीब 200 मीटर दूर जंगल में अलग-अलग पेड़ों पर फंदे से लटके हुए पाए गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पायलीखंड थाना प्रभारी यदुराज ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता रहता था। रविवार दोपहर भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद के बाद जयराम नागेश घर से निकल गए थे। काफी समय बीत जाने के बावजूद जब वह वापस नहीं लौटे, तो उनकी पत्नी वेदमती भी घर से निकल गईं।
मृतक दंपति के दो बेटे हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। परिजनों ने भी पुलिस को बताया है कि दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था और नाराज होकर घर छोड़ देना उनके लिए सामान्य बात बन गई थी। इसी वजह से शुरुआत में परिवार के लोगों ने उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से नहीं लिया।
हालांकि, 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जब दोनों घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से आसपास के गांवों, रिश्तेदारों के घरों और अन्य संभावित स्थानों पर उनकी तलाश शुरू की गई। जब कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तो जंगल में भी खोजबीन की गई।
तलाशी अभियान के दौरान मंगलवार देर शाम ग्रामीणों ने जंगल में दोनों के शव देखे। बताया जा रहा है कि दोनों शव लगभग 20 से 30 मीटर की दूरी पर अलग-अलग पेड़ों से लटके हुए थे। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि विवाद के बाद पहले पति ने आत्मघाती कदम उठाया और बाद में पत्नी ने भी अपनी साड़ी का फंदा बनाकर जान दे दी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
