Bhabanipur Election Case: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भवानीपुर विधानसभा सीट चर्चा का केंद्र बन गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा चुनाव में मिली हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। शुक्रवार को वह अचानक हाईकोर्ट पहुंचीं, जहां उन्होंने चुनाव परिणाम के खिलाफ दायर की गई याचिका से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद भी मौजूद रहे।
भवानीपुर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला था। चुनाव परिणाम में शुभेंदु अधिकारी ने बढ़त हासिल करते हुए सीट अपने नाम कर ली थी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक शुभेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले थे, जबकि ममता बनर्जी के खाते में 58,812 वोट आए। इस तरह भाजपा उम्मीदवार ने 15,104 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। वहीं, सीपीएम उम्मीदवार काफी पीछे रहे और उन्हें 3,556 वोट मिले।
मतगणना के शुरुआती दौर में स्थिति ममता बनर्जी के पक्ष में दिखाई दे रही थी। कई राउंड तक वह बढ़त बनाए हुए थीं, लेकिन जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, दोनों उम्मीदवारों के बीच का अंतर कम होता गया। अंतिम चरणों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई और शुभेंदु अधिकारी निर्णायक बढ़त के साथ विजेता घोषित किए गए।
इस चुनाव की मतगणना भी विवादों से घिरी रही थी। 4 मई 2026 को वोटों की गिनती के दौरान भवानीपुर के मतगणना केंद्र पर कई बार तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। एक समय ऐसा भी आया जब मतगणना प्रक्रिया को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। चुनाव अधिकारियों के अनुसार एक व्यक्ति मोबाइल फोन लेकर मतगणना केंद्र के अंदर पहुंच गया था, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से गिनती अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। बाद में जांच पूरी होने पर प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई।
मतगणना के दौरान बढ़ते तनाव के बीच ममता बनर्जी स्वयं मतगणना केंद्र पहुंच गई थीं। उन्होंने उस समय कई गंभीर आरोप लगाए थे। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का कहना था कि उनके चुनाव एजेंटों को अंदर जाने से रोका गया, सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया गया और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्हें स्वयं धक्का-मुक्की जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
अब इन्हीं घटनाओं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका में भवानीपुर विधानसभा चुनाव के नतीजे को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी ने चुनावी हार को अदालत में चुनौती दी हो। इससे पहले वर्ष 2021 में नंदीग्राम विधानसभा सीट पर शुभेंदु अधिकारी से मिली हार के बाद भी उन्होंने न्यायालय का रुख किया था। नंदीग्राम चुनाव परिणाम से जुड़ा मामला अभी भी अदालत में लंबित है। अब भवानीपुर सीट को लेकर शुरू हुई नई कानूनी लड़ाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है।
