पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच शुरू हुआ विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की तलाश में विशेष जांच दल (SIT) लगातार छापेमारी कर रहा है। पुलिस के अनुसार, पटना और आसपास के जिलों में उनकी तलाश की जा रही है। इस बीच खान सर सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। मामले की केस डायरी भी कोर्ट में जमा कर दी गई है।
शुरुआत में यह मामला खान ग्लोबल स्टडीज पर कथित हमले और फायरिंग से जुड़ा बताया गया था। इसी मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े सुरक्षा कर्मी हथियार चलाते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और कोचिंग संस्थान पहुंचकर दो सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लिया। दोनों हथियारों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर फैजल खान के खिलाफ भी कदमकुआं थाने में मामला दर्ज किया गया।
बताया जा रहा है कि पूरे विवाद की शुरुआत बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के परिणाम के बाद हुई। रिजल्ट घोषित होने के बाद कई कोचिंग संस्थानों ने अपने छात्रों की सफलता का दावा करते हुए प्रचार अभियान चलाया। इसी दौरान खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग के बीच बैनर और प्रचार सामग्री को लेकर विवाद शुरू हो गया, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया।
आरोप है कि 2 और 3 जून की रात दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। इस दौरान तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। पहले खान ग्लोबल स्टडीज की ओर से संस्थान पर हमले का दावा किया गया था, लेकिन वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी।
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि पुलिस को सभी वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
विवाद के बीच खान ग्लोबल स्टडीज के मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग सेंटर का फायर ऑडिट भी किया गया। जांच में कई तकनीकी कमियां सामने आने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, भवन की ऊंचाई, फायर सिस्टम, पानी की टंकी, पंप, फायर अलार्म और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में खामियां पाई गई हैं।
जिला अग्निशमन विभाग ने संस्थान को कमियां दूर करने के लिए सात से दस दिन का समय दिया है। विभाग का कहना है कि तय समय में सुधार नहीं होने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
