Indian ship attacked near Oman: ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर मिसाइल हमला होने के बाद भारत ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार, नागरिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के समुद्री क्षेत्र में पहले से ही तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हुआ हमला बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि लगातार कमर्शियल शिपिंग और सिविलियन नाविकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंताजनक हैं और इनकी भारत कड़ी निंदा करता है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
भारत सरकार ने राहत और बचाव कार्य में सहयोग के लिए ओमान प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। मंत्रालय ने कहा कि समुद्री मार्गों पर स्वतंत्र आवाजाही बनाए रखना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना न केवल निर्दोष लोगों की जान जोखिम में डालता है, बल्कि वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन को भी प्रभावित करता है।
Our statement on the attack on an Indian-flagged ship off the coast of Oman ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) May 14, 2026
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हालांकि भारतीय बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हमला किसने किया, लेकिन यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही है। क्षेत्रीय टकराव, नौसैनिक गतिविधियों और रणनीतिक दबाव के कारण समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। भारत समेत एशिया के कई देशों की ऊर्जा जरूरतें इस समुद्री मार्ग पर निर्भर करती हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह की अस्थिरता सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार, तेल कीमतों और शिपिंग लागत को प्रभावित कर सकती है।
भारत लंबे समय से समुद्री सुरक्षा और फ्रीडम ऑफ नेविगेशन की वकालत करता रहा है। भारतीय ध्वज वाले जहाज पर यह हमला भारत के लिए सिर्फ एक सुरक्षा चुनौती नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक चिंता का विषय भी है। सभी भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने से राहत जरूर मिली है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव अब भारत के व्यापारिक और ऊर्जा हितों को सीधे प्रभावित कर सकता है।
