लखनऊ: समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव की मौत को लेकर पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण ‘पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ बताया गया है, जिसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म ऐसी स्थिति होती है, जब खून का थक्का शरीर की नसों से होकर फेफड़ों की धमनी में पहुंच जाता है और रक्त प्रवाह को रोक देता है। इससे अचानक सांस रुकने, दिल की धड़कन थमने और शरीर के सिस्टम के फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव की मौत इसी कारण हुई।
डॉक्टरों ने मामले की गहराई से जांच के लिए विसरा और हृदय के कुछ हिस्सों को सुरक्षित रख लिया है। इन्हें केमिकल और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शरीर में किसी जहर, रसायन या अन्य असामान्य कारण की भूमिका तो नहीं थी। अब अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मौत की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कुछ पुराने चोट के निशान भी बताए गए हैं, जिन्हें चिकित्सकों ने पुरानी चोट माना है। इसके अलावा बाएं पैर के अंगूठे का नाखून नीला पाया गया, जिसे डॉक्टरों ने रक्त संचार और बीमारी से जुड़ी समस्या से जोड़ा है।
बताया जा रहा है कि 38 वर्षीय प्रतीक यादव पहले से ही डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT), पल्मोनरी एम्बोलिज्म और हृदय संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे थे। एक वरिष्ठ डॉक्टर के अनुसार, उन्हें लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर की भी शिकायत थी। हाल के दिनों में उन्हें सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। करीब तीन सप्ताह पहले पल्मोनरी एम्बोलिज्म का इलाज भी हुआ था।
घटना वाले दिन सुबह करीब 5:30 बजे परिवार के ड्राइवर ने सिविल हॉस्पिटल पहुंचकर इमरजेंसी सहायता मांगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मेडिकल टीम जब उनके घर पहुंची, तब तक जीवन के कोई संकेत नहीं थे। बाद में उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अखिलेश यादव ने भाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव मेहनती, सरल स्वभाव के और आत्मनिर्भर पहचान बनाने वाले व्यक्ति थे। अखिलेश ने बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी थी।
प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर है। Yogi Adityanath समेत कई नेताओं ने संवेदना व्यक्त की है। समाजवादी पार्टी और भाजपा ने अपने कई राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। परिवार की ओर से जानकारी दी गई है कि अंतिम संस्कार गुरुवार को किया जाएगा।
