ट्रंप बनाम ग्राहम: पाकिस्तान की मध्यस्थता पर अमेरिका में दो फाड़, ट्रंप ने किया समर्थन तो सीनेटर ने उठाए सवाल

US Iran Conflict: पश्चिम एशिया में गहराते संकट और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। चीन की महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना होने से पहले ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका का पुरजोर समर्थन किया है।

US Iran Conflict: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका का खुलकर समर्थन किया है। चीन रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने पाकिस्तान पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान के नेतृत्व ने अब तक अच्छा काम किया है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान को मध्यस्थ की भूमिका से हटाने की मांग तेज हो रही है।

पाकिस्तान को भरोसेमंद मध्यस्थ मानने को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा, “नहीं, वे बहुत अच्छे हैं। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बहुत अच्छा काम किया है।” ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पश्चिम एशिया संकट को लेकर अमेरिका में भी अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।

दरअसल, रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने सीनेट की सुनवाई के दौरान कहा कि यदि पाकिस्तान वास्तव में ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर जगह दे रहा है, तो उसे मध्यस्थ की भूमिका में नहीं रखा जाना चाहिए। ग्राहम ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और अमेरिका को किसी अन्य देश को मध्यस्थ बनाना चाहिए।

सीनेटर ग्राहम ने यह भी कहा कि यदि ऐसी रिपोर्टें सही हैं, जिनमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने ईरान के सैन्य विमानों को अपने ठिकानों पर तैनात होने दिया, तो यह अमेरिका के हितों के खिलाफ है। उन्होंने अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति न होने पर भी नाराजगी जताई।

विवाद की जड़ अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट है, जिसमें दावा किया गया कि पाकिस्तान ने चुपचाप ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरफील्ड पर पार्क करने की अनुमति दी थी, ताकि वे संभावित अमेरिकी हवाई हमलों से बच सकें। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने खुद को तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कूटनीतिक संपर्क सूत्र के रूप में पेश किया, लेकिन साथ ही ईरान को रणनीतिक मदद भी दी।

हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस्लामाबाद की ओर से कहा गया है कि ऐसी रिपोर्टें भ्रामक हैं और पाकिस्तान केवल क्षेत्रीय शांति और तनाव कम करने के प्रयासों में लगा हुआ है।

ट्रंप के ताजा बयान से साफ है कि व्हाइट हाउस फिलहाल पाकिस्तान को बातचीत की प्रक्रिया से बाहर करने के पक्ष में नहीं है। हालांकि अमेरिका के भीतर ही इस मुद्दे पर मतभेद सामने आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पश्चिम एशिया संकट में पाकिस्तान की भूमिका कितनी प्रभावी रहती है और अमेरिका उसे कितनी अहमियत देता है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale