PM Kisan Yojana 23rd Instalment: देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना, ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-Kisan) एक बार फिर चर्चा में है। 22वीं किस्त के रूप में 2,000 रुपये प्राप्त करने के बाद अब किसान परिवार 23वीं किस्त के आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
कब मिल सकती है 23वीं किस्त?
पीएम किसान योजना के तहत हर चार महीने के अंतराल पर किस्त जारी की जाती है। पिछली किस्तों के जारी होने के समय और पैटर्न को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि 23वीं किस्त जून या जुलाई 2026 के आसपास जारी की जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक किसी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अधिकारिक जानकारी के लिए पोर्टल चेक करते रहें।
PM किसान योजना का उद्देश्य
यह केंद्र सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को खेती और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना है। इसके तहत लाभार्थियों को सालाना 6,000 रुपये की राशि तीन बराबर किस्तों (2,000-2,000 रुपये) में सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में भेजी जाती है।
कैसे चेक करें अपना बेनिफिशियरी स्टेटस?
यदि आप यह जानना चाहते हैं कि आपको अगली किस्त मिलेगी या नहीं, तो आप नीचे दिए गए चरणों का पालन कर अपना स्टेटस देख सकते हैं:
सबसे पहले पीएम-किसान के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाएं। वहां होम पेज पर ‘Farmers Corner’ सेक्शन में दिए गए ‘Beneficiary Status’ विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और दिया गया कैप्चा कोड भरें। अंत में ‘Get Status’ पर क्लिक करते ही आपके सामने किस्त का पूरा विवरण आ जाएगा।
eKYC कराना है अनिवार्य
योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के पाने के लिए सरकार ने सभी पंजीकृत किसानों के लिए eKYC कराना अनिवार्य कर दिया है। यदि आपकी eKYC पूरी नहीं है, तो आपकी किस्त रुक सकती है। किसान इसे दो तरीकों से पूरा कर सकते हैं:
पहला तरीका ओटीपी-आधारित है, जिसे पीएम-किसान वेबसाइट के जरिए घर बैठे ऑनलाइन पूरा किया जा सकता है। दूसरा तरीका बायोमेट्रिक-आधारित है, जिसके लिए आपको अपने नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र (CSC) पर जाना होगा। इसके अलावा, किसानों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बैंक खाता आधार से लिंक हो और ‘Direct Benefit Transfer’ (DBT) के लिए सक्रिय हो।
