CIA Museum bricks photo: पाकिस्तान के एबटाबाद में मौजूद एक रहस्यमयी घर, 18 फीट ऊंची दीवारें, ऊपर कंटीले तार, न फोन कनेक्शन, न इंटरनेट और कचरा भी घर के भीतर जलाया जाता था। यही वह ठिकाना था जहां 2 मई 2011 की रात अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े वॉन्टेड आतंकी ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। अब उसी ऑपरेशन से जुड़ी 13 ईंटें फिर चर्चा में हैं, जिनमें से एक की तस्वीर हाल ही में CIA ने सोशल मीडिया पर साझा की है।
एबटाबाद का वो रहस्यमयी ठिकाना
ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सैन्य अकादमी के करीब एक बेहद सुरक्षित कंपाउंड में छिपा हुआ था। यह घर किसी किले से कम नहीं था, जिसकी दीवारें 18 फीट तक ऊंची थीं और उन पर कंटीले तार लगे थे। गोपनीयता का आलम यह था कि घर के अंदर न तो इंटरनेट था और न ही फोन की कोई लाइन। यहां तक कि कचरा भी बाहर फेंकने के बजाय परिसर के अंदर ही जलाया जाता था ताकि किसी भी तरह का मानवीय सुराग बाहरी दुनिया तक न पहुंच सके।
ऑपरेशन की तैयारी और नेवी सील का प्रहार
9/11 हमलों के मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए अमेरिका ने सालों तक इंतजार किया। जब CIA को यकीन हो गया कि लादेन इसी कंपाउंड में है, तो नेवी सील कमांडो को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। 2 मई 2011 की रात, स्टेल्थ हेलीकॉप्टरों के जरिए कमांडो एबटाबाद पहुंचे। ऑपरेशन के दौरान एक हेलीकॉप्टर क्रैश भी हुआ, लेकिन कमांडो ने अपनी गति कम नहीं होने दी। वे तेजी से घर की तीसरी मंजिल पर पहुंचे और दुनिया के सबसे बड़े वॉन्टेड आतंकी को मार गिराया।
क्यों खास हैं वो 13 ईंटें?
ऑपरेशन के बाद कमांडो ने वहां से केवल डिजिटल डेटा और दस्तावेज ही नहीं उठाए, बल्कि वे 13 ईंटें भी अपने साथ ले गए। इन ईंटों पर ‘A’, ‘M’ और ‘S’ जैसे अंग्रेजी अक्षर लिखे हुए थे। नेवी सील की कार्यप्रणाली के अनुसार, वे किसी भी संभावित सबूत को नजरअंदाज नहीं करते। संदेह था कि ये अक्षर किसी गुप्त कोड या अलकायदा के नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हो सकते हैं। गहन जांच के बाद, इन ईंटों को ऐतिहासिक साक्ष्य माना गया। इनमें से पहली ईंट तत्कालीन CIA निदेशक लियोन पनेटा को भेंट की गई थी, जिसे अब विशेष म्यूजियम में रखा गया है।
CIA म्यूजियम में संजोई यादें
CIA का म्यूजियम ऐसे ही महत्वपूर्ण ऑपरेशंस की यादों को संजोकर रखता है। लादेन के खात्मे से जुड़ी इन ईंटों के अलावा, वहां उस रात बरामद हुई उसकी एके-47 राइफल और उस पूरे कंपाउंड का एक विस्तृत मॉडल भी रखा गया है। साल 2015 के बाद से अमेरिका ने इस छापे में मिले कई दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं, जो बताते हैं कि लादेन वहां रहते हुए भी किस तरह अलकायदा की गतिविधियों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा था। ये ईंटें आज उस मिशन की सफलता और अमेरिकी खुफिया तंत्र की बारीकियों का प्रतीक बन चुकी हैं।
