चीन ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील की, ओमान की खाड़ी में बढ़ा तनाव

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्धविराम की कोशिशों के बीच चीन ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट को जल्द से जल्द दोबारा खोलने की अपील की है। चीन ने साथ ही ईरान की उस प्रतिबद्धता की सराहना भी की, जिसमें उसने परमाणु हथियार विकसित न करने की बात कही है।

चीन ईरान शांति वार्ता
चीन ईरान शांति वार्ता

Strait of Hormuz Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। चीन ने ईरान से अपील की है कि वह वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को जल्द से जल्द खोल दे, जबकि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना और ईरानी टैंकर के बीच सीधा टकराव सामने आया है।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चीन की अपील और परमाणु रुख

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान वांग यी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता का हवाला देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से सुरक्षित और सामान्य आवागमन बहाल होना जरूरी है। चीन ने इस बात की सराहना की कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है, हालांकि उन्होंने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के ईरान के अधिकार का समर्थन भी किया। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी मुख्य मांग यही है कि ईरान परमाणु हथियार की दौड़ से बाहर रहे।

चीन ने पश्चिम एशिया में पूर्ण युद्धविराम की वकालत करते हुए दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत पर जोर दिया है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने चीन द्वारा शांति के लिए प्रस्तावित चार-सूत्रीय योजना पर भरोसा जताया और उम्मीद जताई कि चीन युद्ध रोकने में सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा।

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना की कार्रवाई

सैन्य मोर्चे पर तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि उनके एक फाइटर जेट ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी तेल टैंकर पर फायरिंग की है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह टैंकर ईरानी बंदरगाह की अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहा था। इस कार्रवाई में टैंकर का रडर क्षतिग्रस्त हो गया है। यह घटना दर्शाती है कि कूटनीतिक बातचीत के समानांतर समुद्र में सैन्य संघर्ष भी जारी है।

ईरान का यूएई को जवाब और अंतरराष्ट्रीय मिशन का प्रस्ताव

यूएई द्वारा लगाए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के आरोपों को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। भारत स्थित ईरानी दूतावास के माध्यम से जारी बयान में ईरान ने यूएई को चेतावनी दी कि वह अमेरिका और इजरायल के साथ मिलीभगत न करे।

इसी बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर चर्चा की। मैक्रों ने जहाजों की मुक्त आवाजाही पर जोर देते हुए ईरान के सामने फ्रांस और ब्रिटेन की उस योजना का प्रस्ताव रखा, जिसके तहत होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन स्थापित करने की बात कही गई है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजरें ईरान के अगले कदम और अमेरिका के कड़े रुख पर टिकी हुई हैं।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale